राजस्थान की अंता विधानसभा सीट पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। निर्वाचन आयोग ने सोमवार को इसकी औपचारिक घोषणा करते हुए बताया कि मतदान 11 नवंबर 2025 को होगा और मतगणना 14 नवंबर 2025 को की जाएगी। आयोग की घोषणा के साथ ही क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है।
प्रतीकात्मक फोटो
अंता विधानसभा सीट भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा की सदस्यता रद्द होने के कारण रिक्त हुई थी। दरअसल, कंवरलाल मीणा को एक पुराने मामले में अदालत से तीन साल की सजा होने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई थी।
यह मामला वर्ष 2005 के उपसरपंच चुनाव से जुड़ा हुआ है। उस दौरान मीणा पर आरोप था कि उन्होंने चुनाव के दौरान एसडीएम पर पिस्तौल तान दी थी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई।
मीणा ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की, लेकिन शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद उन्होंने मनोहर थाना कोर्ट में सरेंडर किया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद विधानसभा सचिवालय ने 1 मई 2025 को उनकी सदस्यता रद्द करने का आदेश जारी किया।
अब इस रिक्त सीट पर उपचुनाव के ऐलान के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल इस सीट को जीतने के लिए अपनी-अपनी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं। भाजपा जहां अपने खोए हुए गढ़ को बचाने की कोशिश करेगी, वहीं कांग्रेस इस मौके को राजनीतिक बढ़त में बदलने का प्रयास करेगी।
अंता सीट बारां जिले की प्रमुख विधानसभा सीटों में गिनी जाती है। पिछले विधानसभा चुनाव में यहां भाजपा ने जीत दर्ज की थी, लेकिन अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उपचुनाव में जनता किसे मौका देती है। निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि उपचुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
