Kalkaji assembly Seat and candidates: दिल्ली विधानसभा चुनाव में कई सीटें ऐसी हैं जिन पर मुकाबला काफी दिलचस्प और कांटे का माना जा रहा है। इन्हीं में से एक सीट दक्षिणी दिल्ली की कालकाजी है। कालकाजी सीट पर दिल्ली की सीएम आतिशी उम्मीदवार हैं। इस सीट पर आतिशी का मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के रमेश बिधूड़ी और कांग्रेस की उम्मीदवार अलका लांबा से है। भाजपा और कांग्रेस के ये दोनों उम्मदीवार कद्दावर और वरिष्ठ नेता हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में आतिशी इस सीट से विजयी हुई थीं। इस बार कांग्रेस ने इस सीट पर अपनी तेज तर्रार नेता लांबा जो कि महिला कांग्रेस की अध्यक्ष हैं, उन्हें उतारा है। लांबा पहले AAP में थीं, वह चांदनी चौक से विधायक भी रह चुकी हैं।
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025।
पिछली बार आतिशी ने भाजपा के धर्मबीर को हराया
पिछले चुनाव में आतिशी ने इस सीट पर भाजपा के धर्मबीर को हराया था। लोकसभा चुनाव से बिधूड़ी को दूर रखने वाली भाजपा ने इस बार उन्हें विधानसभा का टिकट दिया है। हालांकि, टिकट मिलने के बाद उन्होंने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और आतिशी के बारे में अमर्यादित टिप्पणी की। अपने बयान के लिए बिधूड़ी को माफी मांगनी पड़ी है। बिधूड़ी तुगलकाबाद सीट से तीन बार विधायक रह चुके हैं। कुछ समय पहले लोकसभा में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद दानिश अली पर भी विवादास्पद टिप्पणी की थी।
निर्वाचन क्षेत्र में ये हैं इलाके
विधानसभा क्षेत्र में महारानी बाग, कालकाजी, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, ईस्ट ऑफ कैलाश, नेहरू प्लेस, सुखदेव विहार जैसी पॉश कॉलोनियां हैं। दूसरी ओर, गोविंदपुरी, गिरी नगर, ईश्वर नगर, श्रीनिवासपुरी, मसीहगढ़ जैसी रिहायशी कॉलोनियां भी इसके तहत आती हैं। यहां पंजाबी - सिख बहुल इलाके हैं, जिनमें ज्यादातर वोटर्स उन परिवारों से हैं, जिन्हें विभाजन के बाद यहां बसाया गया।
ऐसा रहा 2020 का चुनाव रिजल्ट
2020 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर 6 प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई। इस सीट पर मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच था। AAP की ओर से मैदान में उतरीं आतिशी ने 11,393 मतों के अंतर से बीजेपी के धर्मबीर के खिलाफ जीत हासिल की। कालकाजी विधानसभा सीट पर पिछले चुनाव में आतिशी को 55,897 वोट मिले तो बीजेपी के धर्मबीर को 44,504 वोट आए। कांग्रेस की शिवानी को महज 4,965 वोट ही आए। यहां पर कुल 185910 वोटर्स थे जिसमें से 57 फीसदी से अधिक यानी 106910 वोटर्स ने वोट डाले।
कालकाजी सीट का इतिहास
कालकाजी विधानसभा सीट का इतिहास पुराना है। इस सीट पर पहली बार चुनाव 1993 में हुआ। इस चुनाव में भाजपा की पूर्णिमा सेठी ने जीत हासिल की। इसके बाद 1998 के विधानसभा चुनाव में यह सीट कांग्रेस के पास चली गई। यहां से सुभाष चोपड़ा विजयी हुए। फिर 2003 और 2008 के चुनाव में भी चोपड़ा यहां से जीत हासिल करते रहे। साल 2013 के चुनाव में कालकाजी सीट पर शिरोमणि अकाली दल के हरमीत सिंह कालका ने जीत हासिल की। 2015 में आम आदमी पार्टी ने यहां से अपनी जीत की शुरुआत की। 2020 के चुनाव में आम आदमी पार्टी की ओर से आतिशी ने जीत हासिल की.
