सांप्रदायिकता से लेकर महिलाओं की आजादी तक, लुधियाना की चुनावी रैली में ऐसा था नेहरू का पहला भाषण

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Mar 18, 2024, 10:33 AM IST

Jawaharlal Nehru First Rally: आजादी के बाद पाकिस्तान धर्मांधता में किस तरह से डूब रहा था और उसके हश्र दोनों को नेहरू देखते आ रहे थे। उन्हें इस बात की चिंता थी कि भारत भी कहीं इसी राह पर न चलने लगे। इसलिए वह अपनी रैलियों में बार-बार सामाजिक सौहार्द की बात करते थे।

Jawaharlal Nehru First Rally: आजादी के बाद देश का पहला आम चुनाव 1951-52 में हुआ। इससे पहले पांच सालों तक पंडित जवाहर लाल नेहरू देश के प्रधानमंत्री रहे लेकिन 1952 में उन्हें और उनकी पार्टी कांग्रेस को चुनाव का सामना करना पड़ा। पीएम के रूप में पांच वर्षों तक देश उनका कार्यकाल देख चुका था। आम चुनाव के लिए कांग्रेस और देश के लिए वह एक बड़े नेता थे। कांग्रेस पार्टी का चुनाव प्रचार पंडित नेहरू के इर्द-गिर्द सिमटा हुआ था। उस समय कांग्रेस की तरफ से वही मुखर और करिश्माई नेता थे। पहले आम चुनाव में नेहरू ने किस तरह से जनता से वोट मांगा, यह जानना काफी दिलचस्प होगा।

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1952 में पंडित नेहरू ने लुधियाना में अपना पहला भाषण दिया था।

लुधियाना में की अपनी पहली चुनावी रैली

1952 के चुनाव में नेहरू ने अपने चुनाव का आगाज लुधियाना से किया। इस रैली में उन्होंने संप्रदायवाद के खिलाफ जमकर हमला बोला। उन्होंने लोगों से सांप्रदायिक ताकतों से सावधान रहने के लिए कहा। नेहरू ने लोगों से कहा कि सांप्रदायिक ताकतें अगर सत्ता में आईं तो वे देश के लिए 'बर्बादी' लेकर आएंगी। उन्होंने लोगों से अपना दिलो-दिमाग खुले रखने और चारो तरफ से ताजी हवा आने देने की अपील की।

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