Jan Suraaj Party : बिहार चुनाव के लिए जनसुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर (PK) गुरुवार को अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सकते हैं। रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि इस सूची में 100 उम्मीदवारों का ऐलान हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक इस पहली सूची में पिछड़ा वर्गा, पेशेवरों और पूर्व नौकरशाहों को तरजीह दी जा सकती है। लिस्ट में वकील, डॉक्टर, अकेडमी से जुड़े लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। पीके खुद किसी सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा कर सकते हैं। चर्चा पीके की करगहर अथवा राघोपुर से चुनाव मैदान में उतरने की है।
जनसुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर। तस्वीर-PTI
करगहर या राघोपुर से चुनाव लड़ सकते हैं PK
रोहतास जिले की करगहर सीट पर अभी कांग्रेस का कब्जा है और इस सीट से संतोष कुमार मिश्रा विधायक हैं जबकि राघोपुर को लालू प्रसाद यादव का गढ़ माना जाता है। अभी इस सीट से लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे और राजद नेता तेजस्वी यादव विधायक हैं। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि पीके को चुनाव लड़ने को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेत अभी सहमत नहीं है। इसी तरह से जनसुराज के महासचिव किशोर कुमार मुन्ना की उम्मीदवारी पर भी फैसला नहीं हुआ है। मुन्ना पूर्व विधायक हैं।
राघोपुर में तेजस्वी यादव से हो सकता है सामना
करगहर सीट पर कुर्मी मतदाताओं का दबदबा है, जहां करीब 50,000–60,000 कुर्मी-कोइरी आबादी है, लेकिन निर्णायक भूमिका ब्राह्मण निभाते हैं। यहां लगभग 30,000–35,000 ब्राह्मण मतदाता हैं। तो राघोपुर को लालू परिवार का अभेद्य गढ़ माना जाता है। आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और अब तेजस्वी यादव सभी यहां से चुनाव लड़ चुके हैं। वर्तमान में तेजस्वी यहां के विधायक हैं और माना जा रहा है कि वे फिर से चुनाव मैदान में उतरेंगे। अगर किशोर राघोपुर से चुनाव लड़ते हैं, तो यह सीधे तौर पर लालू परिवार को चुनौती देने जैसा होगा। राघोपुर में लगभग 30% यादव मतदाता हैं, भूमिहारों की भी अच्छी खासी मौजूदगी है, और अक्सर पासवान वोट ही विजेता तय करता है।
इन्हें उम्मीदवार बना सकती है जनसुराज पार्टी
- केसी सिन्हा-कुम्हरार
- वाईबी गिरि-मांझी
- रामबली चंद्रवंशी-कुर्था
- जेपी सिंह-छपरा
- डॉ. बीबी प्रसाद-ढाका
- डॉ. एके दास-मुजफ्फरपुर
- आरके मिश्रा-दरभंगा
प्रभावशाली चेहरों को जगह मिल सकती है
सूत्रों के मुताबिक पहली सूची में विभिन्न क्षेत्रों के प्रभावशाली चेहरों को जगह मिल सकती है, जिनमें सामाजिक कार्यकर्ता, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी, पूर्व शिक्षक और स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ रखने वाले नेता शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर, पूर्व विधान पार्षद रामबली चंद्रवंशी कुर्था से और प्रसिद्ध गणितज्ञ केसी सिन्हा को कुम्हरार से उम्मीदवार बनाया जा सकता है। यह कदम प्रशांत किशोर के 'जन सुराज' अभियान के जमीनी प्रभाव को दर्शा सकता है।
