कहीं मतपेटियों की पूजा, तो कहीं चुनाव आयुक्त को ही वोट देने की जिद...दूसरे लोकसभा चुनाव के अजब-गजब किस्से

  • Edited by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 8, 2024, 01:22 PM IST

पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त सेन ने आजादी के बाद 1951-52 में पहले आम चुनाव और 1957 में दूसरे आम चुनाव में सफलतापूर्वक निर्वाचन आयोग का नेतृत्व किया था। उस समय इस तरह की कई घटनाएं सामने आई थीं, जिन्हें आज भी याद किया जाता है।

Second Lok Sabha Elections Facts: देश में 1957 में हुए दूसरे लोकसभा चुनाव के किस्से बेहद रोचक हैं। इनमें से कई ऐसी घटनाएं ऐसी हैं जिन्हें सुनकर आप भी अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे। मतदाताओं के अनोखे अंदाज ने इस चुनाव में हास्य का रंग घोल दिया था। जैसे कि उस दौर के मद्रास में एक मतदाता ने तत्कालीन मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुकुमार सेन के अलावा किसी भी व्यक्ति को यह कहते हुए वोट देने से इनकार कर दिया था कि चुनावी मैदान में मौजूद विभिन्न दल अपने चुनावी दुष्प्रचार से उन्हें प्रताड़ित करते रहे थे। पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त सेन ने आजादी के बाद 1951-52 में पहले आम चुनाव और 1957 में दूसरे आम चुनाव में सफलतापूर्वक निर्वाचन आयोग का नेतृत्व किया था। उस समय इस तरह की कई घटनाएं सामने आई थीं, जिन्हें आज भी याद किया जाता है।

Election 1957

दूसरे आम चुनाव के रोचक किस्से

नीरस और गंभीर कार्यवाही में हास्य का पुट जोड़ा

दूसरे आम चुनाव से संबंधित एक आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, मतदान के दिनों में कुछ असामान्य घटनाएं हुईं, जिन्होंने आमतौर पर नीरस और गंभीर कार्यवाही में हास्य का पुट जोड़ दिया। आयोग द्वारा 1957 के चुनाव पर प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से भिन्न-भिन्न प्रकार की मजेदार घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें एक पिछड़े जिले में एक मतदाता द्वारा मतपेटी को पूजा की एक चीज समझ लेने से लेकर कुछ मतदान केंद्रों पर जंगली जानवरों के घुस आने के रोचक किस्से शामिल हैं।

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