Nitish kumar: विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया में सीट बंटवारे को लेकर अब तक तस्वीर साफ नहीं हुई है। इसी बीच जदयू के प्रमुख नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले बिहार के मंत्री संजय झा ने शुक्रवार को साफ किया कि अगर नीतीश कुमार का वश चलता और सुझाव माना जाता तो अब तक सीट बंटवारा हो चुका होता। उन्होंने यह भी कहा कि जनवरी तक सीट बंटवारा होने की उम्मीद है।
नीतीश कुमार
नीतीश कुमार का वश चलता...
पटना में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का वश चलता या उनका सुझाव माना जाता तो अक्टूबर में ही सीट बंटवारा हो चुका होता। उन्होंने एक बैठक में कहा था कि सीट बंटवारा हो और दो अक्टूबर से चुनाव अभियान की शुरुआत हो। लेकिन, ऐसा हुआ नहीं। उन्होंने सीट बंटवारा अब तक नहीं होने पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि अब जनवरी तक इस कार्य को पूर्ण हो जाना चाहिए।
कहा, नीतीश कुमार के आसपास घूमती है बिहार की राजनीति
उन्होंने नीतीश कुमार के लिए भाजपा द्वारा दरवाजा बंद रहने से संबंधित सवाल के उत्तर में कहा कि उनके पास जा कौन रहा है। जब जाना ही होता तो हमलोग छोड़कर गए ही क्यों थे। हमलोग ही भाजपा को छोड़कर बाहर आए हैं तो फिर से लौटने का सवाल कहां है। बिहार की राजनीति पिछले कई वर्षों से नीतीश कुमार के आसपास घूमती रही है और बिहार के हित में जो है, इस पर काम किया गया है।
सीट शेयरिंग पर अब तक नहीं बनी बात
19 दिसंबर, 2023 को दिल्ली में आयोजित इंडिया ब्लॉक की बैठक में गठबंधन सहयोगियों ने फैसला किया था कि सीट-बंटवारे की व्यवस्था 31 दिसंबर तक पूरी हो जाएगी, लेकिन ऐस नहीं हुआ और इंडिया गुट समय सीमा से चूक गया। लोकसभा चुनाव की घड़ी नजदीक आने के साथ विपक्षी दल अब सीट-बंटवारे की व्यवस्था को अंतिम रूप देने की तैयारी में हैं, लेकिन मुश्किलें भी कम नहीं हैं। सीट शेयरिंग पर कई राज्यों में मतभेद उभरने की पूरी संभावना दिख रहा है और इसे अंतिम रूप देने में अभी लंबा वक्त लग सकता है। (आईएएनएस इनपुट)
