Sansado ka Mohalla Bhopal: हम आपको देश के एक ऐसे मोहल्ले में लिए चलते है जिसे सांसदों का मोहल्ला भी कहा जाता है, ये मोहल्ला है देश के दिल यानी मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में, इस इलाके को चौक बाजार कहते है, 1957 से लेकर 2024 तक यहाँ से कई सांसद निकले हैं, गौर हो कि देश में लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है, मध्य प्रदेश में बीजेपी ने अपने सभी लोकसभा प्रत्याशियों के नाम का ऐलान भी कर दिया है, भोपाल से बीजेपी ने आलोक शर्मा को अपना प्रत्याशी बनाया है ।आलोक शर्मा जिस इलाके से आते है उसे चौक बाजार कहा जाता है, भोपाल में इसे सांसदों का मोहल्ला भी कहा जा रहा है, आखिर इसके पीछे का क्या इतिहास है वो भी जान लीजिये, देखिये ये खास रिपोर्ट
ये है भोपाल में 'सांसदों का मोहल्ला'
- चौक बाजार में रहने वाली मैमूना सुल्ताना 1957 और 1962 में भोपाल की सांसद रहीं
बीजेपी प्रत्याशी आलोक शर्मा का कहना है कि असली भोपाल अगर है तो वो है चौक बाजार, जिसे हम पुराना भोपाल भी कहते है, शंकर दयाल शर्मा से लेकर केएन प्रधान तक हमारे चौक से ही आते है, गंगा जमुना तहज़ीब अगर देखना है तो भोपाल के चौक बाजार जाइए, मैंने हमेशा चौक के विकास के लिए काम किया है और सांसद बनने के बाद भी करूँगा।
पारेख परिवार चौक का करीब 300 साल पुराना परिवार है
आलोक शर्मा के मित्र और स्थानीय व्यापारी सुनील पारिख बताते हैं कि पुराना भोपाल और यहां का चौक इलाका पटिया बाजी और गंगा जमुना तहजीब के लिए प्रसिद्ध है, यहां के लोगों को इसीलिए तवज्जो दी जाती है क्योंकि वो हिंदू और मुस्लिम दोनों संस्कृतियों को बहुत बेहतर तरीके से जानता है, बता दें कि पारेख परिवार चौक का करीब 300 साल पुराना परिवार है जो प्रसिद्ध भोपाली बटुए का निर्माता है।
पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने भी राजनीति की शुरुआत इसी मोहल्ले से की थी
आपको देश के पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा के निवास लिए चलते है शंकर दयाल शर्मा के छोटे भाई आज भी यहाँ लोगों का इलाज करते है, उनका कहना है कि चौक बाजार से कई सांसद हुए, उन्होंने चौक के लिए खास तौर पर भोपाल के लिए बहुत काम किया, शंकर दयाल शर्मा ने भी अपनी राजनीति की शुरुआत इसी मोहल्ले से की थी।
'जितने भी सांसद चौक से हुए उन्होंने यहीं से राजनीति की शुरुआत की'
बीजेपी प्रत्याशी आलोक शर्मा के पिता गौरीशंकर शर्मा की उम्र 85 साल है, गौरीशंकर शर्मा बताते है की चौक को राजा भोज ने बनवाया था, इसकी बनावट स्वास्तिक के आकर की है, जितने भी सांसद चौक से हुए उन्होंने यहीं से राजनीति की शुरुआत की। इस चौक बाजार से कई सांसद तो हुए और अनुमान यही है कि अगला सांसद भी इसी इलाके का होगा।
