Haryana Assembly Election 2024: हरियाणा विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद ही कांग्रेस ने उम्मीदवारों के चयन पर मंथन शुरू कर दिया है। 90 विधानसभा सीटो के लिए पार्टी ने इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन मंगवाया जिसमें 2550 आवेदन प्रदेश कमिटी के पास पहुंचा है लेकिन कांग्रेस का मानना है की पार्टी उन्हीं को टिकट देगी जो कांग्रेस नेतृत्व के पांच मापदंड पर खरे उतरते है।
कांग्रेस में हरियाणा की 90 सीटों पर उम्मीदवारों के चयन पर मंथन शुरू
कांग्रेस ने उम्मीदवारों के चयन के लिए बनाई स्क्रीनिंग कमिटी
लोकसभा चुनाव में भले ही कांग्रेस की सीटो में बढ़ोतरी हुई लेकिन INDIA एलायंस मोदी सरकार को सत्ता से बेदख़ल करने में विफल साबित हुई। लेकिन कार्यकर्ताओं के उत्साह को बनाए रखने के लिए लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी पूरी ताक़त के साथ सत्ता में वापसी करना चाहती है। हरियाणा और जम्मू-कश्मीर दोनों विधानसभा चुनाव की घोषणा चुनाव आयोग ने कर दी है। जिसमे हरियाणा से कांग्रेस ज़्यादा उम्मीद कर रही है यही वजह है की उम्मीदवारी चयन पर पार्टी प्रदेश स्तर से लेकर केंद्रीय नेतृत्व तक पूरा होमवर्क किया जा रहा है। पिछले हफ़्ते कांग्रेस लीडरशिप ने हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र और झारखंड में उम्मीदवारों के चयन के लिए बनाई गई स्क्रीनिंग कमिटी के सदस्य, सभी राज्यो के अध्यक्ष और प्रभारियों की बैठक बुलाई जिसमें राहुल गांधी ने नेताओ को नसीहत के साथ कई टिप्स भी दिये थे।
जानकारी के अनुसार, कल हरियाणा कांग्रेस की PEC (प्रदेश इलेक्शन कमिटी) की बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव पास किया गया है। इस प्रस्ताव के अनुसार, हरियाणा कांग्रेस उम्मीदवारों के चयन के लिए केंद्रीय नेतृत्व को अधिकृत किया है। वही कांग्रेस पांच सूत्री प्लान के तहत टिकट बंटवारा करेगी-
1. चुनाव लड़ने वाले इच्छुक उम्मीदवारों में उसके टिकट की संभावना सबसे प्रबल होगी जिसके जीतने की संभावना सबसे ज़्यादा हो, और ये तय होगा कांग्रेस के इंटरनल सर्वे रिपोर्ट से। हरियाणा में कांग्रेस का सर्वे सुनील कानुगोलू की टीम कर रही है जो अगले दो दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी, यह सर्वे रिपोर्ट विस्तृत होगी जिसने 90 सीट में कांग्रेस की जीतने वाली सीट से लेकर उम्मीदवारों का नाम होगा। वही जहां कांग्रेस कमज़ोर है वहां अगर किसी निर्दलीय के जीतने की संभावना है तो उसे पार्टी में शामिल करवाने की भी सिफ़ारिश होगी।
2. किसी भी उम्मीदवार को इसलिए टिकट नही दिया जाएगा की वो किसी बड़े नेता का रिश्तेदार है या किसी बड़े नेता ने उसकी सिफ़ारिश की है बल्कि मापदंड ये होगा की उम्मीदवार की कोई आपराधिक छवि नही है और चुनाव जीतने में सक्षम है।
3. कांग्रेस अपने टिकट उम्मीदवार में महिला और युवाओं को तरजीह देगी, ये फ़ैसला कांग्रेस लीडरशिप ने उदयपुर चिंतन शिविर में लिया था। जिसपर हरियाणा विधानसभा चुनाव में अमल किया जाएगा। यहां तक की ST/SC आरक्षित सीट पर भी महिला उम्मीदवार को प्राथमिकता दी जाएगी।
4. कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों के चयन नियम में एक और बड़ा फ़ैसला लिया है जिसमे बीजेपी से आए नेताओ को टिकट देने में पार्टी सतर्कता बरतेगी। कांग्रेस के शीर्ष नेताओ का मानना है की बीजेपी या दूसरे पार्टी के नेता सिर्फ़ टिकट की आस में कांग्रेस ज्वाइन करते हैं कांग्रेस की विचारधारा से बहुत लगाव इन नेताओ को नही होता, वही उनको टिकट देने से पार्टी के कार्यकर्ताओं का हक मारा जाता है।
5. बड़े नेता अगर जिसको टिकट दिलाने का दबाव देंगे उसे जीतने की ज़िम्मेदारी भी उस बड़े नेता की होगी।
