West Bengal Assembly Election 2026: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को फोन मिलाकर राज्य विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के मद्देनजर जमीनी हालात की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान ज्ञानेश कुमार ने राज्य के सीईओ मनोज कुमार अग्रवाल से कहा कि मतदान 'अच्छी तरह से चल रहा है', लेकिन 'सुधार की गुंजाइश है'।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (फाइल फोटो)
बंगाल में कितने फीसदी हुआ मतदान
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, 152 विधानसभा क्षेत्रों में 3.60 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 91.83 प्रतिशत ने शाम 6 बजे तक अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और शाम छह बजे समाप्त हुआ। राज्य विधानसभा चुनावों के पहले चरण में छिटपुट हिंसा और कम से कम तीन उम्मीदवारों पर हमले की खबरें सामने आईं, जबकि कुछ क्षेत्रों में मतदाताओं और राजनीतिक दलों के मतदान एजेंटों ने केंद्रीय बलों की अनुपस्थिति का आरोप लगाया।
अग्रवाल ने संभावित गड़बड़ियों की चिंताओं के मद्देनजर ने जिला चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिया कि केंद्रीय बलों को न केवल मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में बल्कि आवश्यकता पड़ने पर निर्धारित क्षेत्र से बाहर भी तैनात किया जाना चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने बलों को स्थिति के आधार पर कड़ी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया।
उन्होंने बताया कि मुर्शिदाबाद के नाओदा में आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक और अध्यक्ष हुमायूं कबीर से जुड़ी एक घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन भड़कने और दो समूहों के बीच झड़प होने के बाद पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने भाजपा के कुमारगंज से उम्मीदवार शुभेंदु सरकार और उनके मतदान एजेंट पर कथित हमले के संबंध में रिपोर्ट तलब की है।
EC ने कर्मचारियों को किया निलंबित
वहीं, पश्चिम मेदिनीपुर जिले के पिंगला विधानसभा क्षेत्र में मतदान के दौरान एक मतदान केंद्र से नदारद रहने के आरोप में निर्वाचन आयोग ने बृहस्पतिवार को संबंधित बूथ के सभी मतदानकर्मियों को निलंबित कर दिया। आयोग ने घटना की जांच के आदेश भी दिए और जिला निर्वाचन अधिकारी को रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
अधिकारी ने बताया कि बूथ संख्या-9 पर तैनात सभी मतदानकर्मी दोपहर करीब 12 बजे खाना खाने के लिए एक साथ बाहर चले गए, जिससे बूथ कुछ समय के लिए खाली रह गया। उन्होंने यह भी बताया कि सेक्टर अधिकारी भी अनुपस्थित थे। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ’’इस चूक का संज्ञान लेते हुए, पीठासीन अधिकारी सहित सभी मतदानकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। बाद में एक आरक्षित मतदान टीम को तैनात किया गया।’’
