Gujarat: सूरत से कांग्रेस उम्मीदवार का क्यों खारिज हुआ नामांकन पत्र? जानें इस सीट का समीकरण और इतिहास

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Apr 21, 2024, 03:20 PM IST

Gujarat LokSabha Election 2024: सूरत लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार नीलेश कुम्भणी का नामांकन पत्र खारिज हो गया है। इस सीट का बड़ा ही रोचक इतिहास है, यहां से देश के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई एक दो बार नहीं, 5 बार सांसद चुने गए थे। आपको इस सीट का सियासी समीकरण समझना चाहिए।

Surat Lok Sabha Seat: गुजरात की सूरत लोकसभा सीट पर इस बार का समीकरण अब पूरी तरह बदल चुका है। कांग्रेस उम्मीदवार नीलेश कुम्भणी का नामांकन खारिज कर दिया गया है। इस सीट का चुनावी इतिहास बड़ा रोचक है, ये वही सीट है जहां से देश के पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई सांसद चुने जाते रहे हैं। 1989 के बाद से अब तक इस सीट पर भाजपा का कब्जा है, यानी कांग्रेस को एक भी बार जीत नसीब नहीं हुई है।

Gujarat Surat Seat

कैसा है सूरत लोकसभा सीट का समीकरण।

क्या कहता है सूरत लोकसभा सीट का इतिहास?

साल 1971 तक इस सीट पर कांग्रेस का राज रहा, जब मोरारजी देसाई ने इंदिरा गांधी से अदावत मोल ली तो कांग्रेस (ओ) को यहां से जीत हासिल हुई। 1977 के चुनाव में मोरारजी देसाई ने जनता पार्टी में रहते हुए जीत हासिल की। हालांकि इंदिरा खेमे में 1980 में यहां वापसी की और 1989 तक यहां कांग्रेस का कब्ज रहा। हालांकि जब इस सीट पर पहली बार कांग्रेस को हार मिली तो उसके बाद आज तक दोबारा ये सीट कांग्रेस के खाते में नहीं गई। कांग्रेस की ओर से इस सीट पर आखिरी सांसद सीडी पटेल थे। उसके बाद 2009 तक भाजपा काशीराम राणा ने चुनाव जीता और पिछले 15 सालों से दर्शना जरदोश यहां से सांसद चुनी जा रही हैं।

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