Gujarat Assembly Elections 2022: भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने बुधवार को गुजरात (Gujarat) के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) से कहा कि वह सूरत पूर्व (Surat East) सीट से उम्मीदवार को नाम वापस लेने को मजबूर किए जाने से जुड़ी आम आदमी पार्टी (AAP) के आरोपों की जांच कर ‘समुचित कार्रवाई’ करें। दिल्ली (Delhi) के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) के नेतृत्व में आप (AAP) के चार सदस्यीय शिष्टमंडल ने शाम को निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मिलकर उन्हें इस बाबत ज्ञापन सौंपा।
दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर पार्टी नेताओं के साथ धरना देते हुए डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया।
सिसोदिया में आरोप लगाया कि सूरत (पूर्व) सीट से उसके उम्मीदवार कंचन जरीवाला जब निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय पहुंचे तो उन्हें नाम वापस लेने पर मजबूर किया गया।
निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि आप का ज्ञापन जांच और समुचित कार्रवाई के लिए गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेज दिया गया है। आप ने बुधवार को आरोप लगाया कि भाजपा के कहने पर जरीवाला का अपहरण कर लिया गया क्योंकि उसे (भाजपा) गुजरात विधानसभा में सूरत (पूर्व) सीट पर हार का ‘डर’ था।
चुनाव आयोग ACTION लो!Election Commission मुख्यालय के सामने Dy. CM @msisodia के नेतृत्व में AAP का BJP के ख़िला… t.co/DBeOSXWpVi
— ANI (@ANI) Nov 16, 2022
हालांकि, जरीवाला ने एक वीडियो बयान जारी करके स्पष्ट कहा है कि उन्होंने बिना किसी दबाव के नाम वापस लिया है। उन्होंने कहा है कि आप की टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने पर विधानसभा क्षेत्र के लोग उन्हें ‘राष्ट्र विरोधी’ और ‘गुजरात विरोधी’ कहने लगे थे, इसलिए उन्होंने अपने मन की सुनते हुए पर्चा वापस लिया है। वहीं, सिसोदिया में दावा किया कि जरीवाला और उनका परिवार मंगलवार से ही लापता थे और अंतिम बार उन्हें अपने नामांकनपत्र की छंटनी के दौरान सूरत में निर्वाचन आयोग के कार्यालय में देखा गया था।
Watch how police and BJP goons together - dragged our Surat East candidate Kanchan Jariwala to the RO office, forci… t.co/lpfzxIFwni
— ANI (@ANI) Nov 16, 2022
सिसोदिया ने गुजरात की मुख्य निर्वाचन अधिकारी पर भी निशाना साधा और उनपर जरीवाला का ‘‘पता लगाने और बचाव’’ के लिए उचित कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और पार्टी के अन्य नेताओं ने आज दिन में इस कथित अपहरण को लेकर निर्वाचन आयोग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। पार्टी के विभिन्न नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वहां जमा होकर भाजपा के विरोध में नारे लगाए। निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने बताया कि निर्वाचन आयोग से मिलने का आप का अनुरोध दोपहर बाद प्राप्त हुआ और उस वक्त वे निर्वाचन सदन के बाहर धरना दे रहे थे।
