Gujarat Assembly Elections 2022: गुजरात में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सात लोगों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। पार्टी ने रविवार (20 नवंबर, 2022) को इन सभी बागी नेताओं को सस्पेंड कर दिया। दरअसल, बीजेपी की ओर से इन सातों को टिकट नहीं दिया गया था, लिहाजा इन्होंने उन सीटों से निर्दलीय उम्मीदवार के नाते पर्चा भर दिया था।
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।
वैसे, इस बार के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस का खेल निर्दलीय और छोटे दल बिगाड़ सकते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि 2017 में 182 सीटों पर 794 निर्दलीय उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। उनके अलावा राष्ट्रीय दलों के 204 और राज्य के दलों के करीब 367 उम्मीदवार थे। ऐसे में राजनीति में प्रमुख दलों के उम्मीदवारों के लिए 'उपरोक्त में से कोई नहीं' (नोटा) एक बड़ी चुनौती बन गया है।
इन निर्दलीय और राज्य दलों के पास बहुत कम जमीनी नेटवर्क था, लेकिन इनकी उपस्थिति बड़े दलों के खेल को बिगाड़ने वाली रही। कांग्रेस और भाजपा के 28 उम्मीदवार 258 वोटों के अंतर से हारे, जबकि हार के लिए वोटो का अधिक अंतर 27,226 रहा। तीन सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहे जबकि कांग्रेस या भाजपा के उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहे।
गुजरात विधान सभा चुनाव के लिए जारी चुनाव प्रचार अब धीरे-धीरे अपने चरम पर पहुंचता नजर आ रहा है। राज्य की कुल 182 विधान सभा सीटों पर दो चरणों में एक और पांच दिसंबर को मतदान होना है। गुजरात, ऐसा राज्य जहां पिछले 27 वर्षों से सीधा मुकाबला देश की दो प्रमुख पार्टियों- कांग्रेस और भाजपा के बीच ही होता आया है लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी राज्य में चुनाव को त्रिकोणीय बनाने की पुरजोर कोशिश कर रही है।
गुजरात विधान सभा चुनाव में एक तरफ भाजपा है, जिसके लिए गुजरात सिर्फ एक राज्य नहीं बल्कि प्रयोगशाला है, एक मॉडल है जिसके सहारे पार्टी देशभर में अलग पार्टी होने का दावा करती है तो वहीं दूसरी तरफ राज्य में लगातार चुनाव हारने वाली कांग्रेस है जिसके लिए गुजरात में शानदार प्रदर्शन करना इस बार अस्तित्व का सवाल बनता नजर आ रहा है तो वहीं तीसरी तरफ आम आदमी पार्टी है जो गुजरात में शानदार प्रदर्शन के सहारे राष्ट्रीय पार्टी और कांग्रेस के विकल्प होने के अपने दावे को मजबूत करना चाहती है। (आईएएनएस इनपुट्स के साथ)
