किस्सा बिहार का...1951 के पहले विधानसभा चुनाव में क्या थी सियासी तस्वीर, किसने मारी बाजी?

आजादी के बाद बिहार में पहला चुनाव 1951 में हुआ था। कुल 1 करोड़ 81 लाख 38 हजार मतदाताओं में 95 लाख 48 हजार मतदाताओं ने वोट डाले थे। राज्य में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसने सत्ता संभाली।

Bihar First Assembly Election 1951: बिहार विधानसभा चुनाव का बिगुल बस कुछ ही दिनों में बजने वाला है। राज्य में सियासी सरगर्मियां तेज है और मुकाबला एनडीए बनाम महागठबंधन का है। सियासी नजरिए से बिहार पूरे देश के लिए अहम है। यही वो जगह है जहां से समानता और सामाजिक बदलाव की आवाज उठी थी। इस राज्य ने कई बड़े नेता देश को दिए हैं जिन्होंने सियासी पटल पर अमिट छाप छोड़ी। भले ही यहां यहां चुनाव में जातिवादी मुद्दे हावी रहते हों, लेकिन सामाजिक जागरुकता भी यहां खूब दिखाई देती है। पुरानी यादों को ताजा करते हुए आइए जानते हैं कि बिहार में कब पहला चुनाव हुआ था और तब क्या नतीजे रहे थे।

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बिहार में पहला चुनाव, जानिए अहम तथ्य (फोटो- @IndiaHistorypic )

कांग्रेस को प्रचंड बहुमत

आजादी के बाद बिहार में पहला चुनाव 1951 में हुआ था। कुल 1 करोड़ 81 लाख 38 हजार मतदाताओं में 95 लाख 48 हजार मतदाताओं ने वोट डाले थे। राज्य में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसने सत्ता संभाली। कांग्रेस ने एकतरफा जीत हासिल की थी। कांग्रेस को कुल 42.16 फीसदी वोट मिले थे। सोशलिस्ट पार्टी दूसरी बड़ी पार्टी बनकर उभरी। राज्य में तीसरी बड़ी पार्टी रही कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया। राज्य के इस पहले चुनाव में 11 राष्ट्रीय दल, चार राज्य स्तरीय दल और गैर मान्यता प्राप्त निबंधित पार्टी के रूप में एकमात्र ऑल इंडिया गणतंत्र परिषद चुनाव मैदान में थी।

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