West Bengal Assembly Election 2026: निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने शनिवार को दो अप्रैल को सर्वे बिल्डिंग के बाहर कानून-व्यवस्था से जुड़े मामले को लेकर कोलकाता पुलिस के कई अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। निर्वाचन आयोग ने साउथ डिवीजन के DC-II, अलीपुर थाने के ऑफिसर-इन-चार्ज, एडिशनल OC और एक सार्जेंट को निलंबित करने का निर्देश दिया है। साथ ही उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है।
निर्वाचन आयोग (फाइल फोटो)
यह घटना उस समय हुई थी जब भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी नामांकन दाखिल कर रहे थे और मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। इस संबंध में निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के सरकार के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने का निर्देश दिया है। पत्र में कहा गया है कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए तथा इस संबंध में अनुपालन रिपोर्ट दिनांक 05.04.2026 को सुबह 11:00 बजे तक भेजी जाए।
साथ ही निर्वाचन आयोग ने मुख्य सचिव से अनुरोध किया कि DC-II, साउथ डिवीजन, कोलकाता पुलिस; ओसी, अलीपुर एवं अतिरिक्त ओसी, अलीपुर के पदों के रिक्त होने के बाद उनकी पूर्ति के लिए प्रस्ताव शीघ्र आयोग को भेजें।
किन अधिकारियों पर गिरी गाज
सिद्धार्थ दत्ता, DC-II, साउथ डिवीजन, कोलकाता पुलिस
प्रियंकर चक्रवर्ती, ओसी, अलीपुर
चंडी चरण बनर्जी, अतिरिक्त ओसी, अलीपुर
सौरभ चटर्जी, सार्जेंट, अलीपुर
चुनावी निष्पक्षता को लेकर गर्माया था विवाद
इससे पहले, भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) को एक पत्र लिखकर चुनावी निष्पक्षता के तहत पक्षपाती पुलिस अधिकारियों को हटाने की मांग की थी। शुभेंदु अधिकारी ने पत्र में कोलकाता पुलिस के उपायुक्त (डीसीपी) शांतनु सिन्हा बिस्वास, इंस्पेक्टर बिजितास्वा राउत (आईसी) और सब-इंस्पेक्टर राहुल अमीन अली शाह (एसआई) को पक्षपाती करार दिया था।
पत्र में आरोप लगाया गया था कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद इन अधिकारियों ने पश्चिम बंगाल पुलिस कल्याण समिति के राज्य सम्मेलन में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपना संरक्षक बताते हुए तृणमूल कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करने की अपील की।
