मैनपुरी उपचुनाव में जीत के साथ डिंपल यादव के नाम दर्ज हुआ स्पेशल रिकॉर्ड

  • Authored by: नवीन चौहानResearch by: नवीन चौहान
  • Updated Dec 8, 2022, 05:03 PM IST

डिंपल यादव ने मैनपुरी लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीत दर्ज करके एक स्पेशल उपलब्धि अपने नाम कर ली है। डिंपल यादव ने भाजपा उम्मीदवार रघुराज सिंह शाक्य को ढाई लाख मतों के अंतर से मात दी है।

नई दिल्ली: संस्थापक मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद रिक्त हुई मैनपुरी लोकसभा सीट पर हुए उप-चुनाव में समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर जीत का परचम लहरा दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी और दिवंगत मुलायम सिंह यादव की बहू डिंपल यादव भाजपा उम्मीदवार रघुराज सिंह शाक्य को 2,88,461 लाख मतों के अंतर से मात दी। डिंपल यादव को 617625 मत मिले वहीं रघुराज शाक्य को 329489 को मत हासिल हुए। तीसरे पायदान पर नोटा को 6121 वोट मिले।

Dimple-Yadav

डिंपल यादव

मैनपुरी से निर्वाचित पहली महिला सांसद

इसके साथ ही डिंपल यादव मैनपुरी से निर्वाचित होने वाली पहली महिला सांसद बन गई हैं। इसके साथ ही 1996 के बाद से समाजवादी पार्टी का मैनपुरी सीट पर कब्जा बरकरार रहा। साल 1996 में मुलायम सिंह इस सीट पर निर्वाचित हुए थे। उसके बाद से सपा उम्मीदवार के रूप में मैनपुरी से लोकसभा सीट से बलराम सिंह यादव(1998 और 1999), मुलायम सिंह यादव (2004), धर्मेंद यादव(2004-उप चुनाव), मुलायम सिंह यादव(2009), मुलायम सिंह यादव (2014), तेज प्रताप यादव( 2014-उप-चुनाव), मुलायम सिंह यादव(2019), डिंपल यादव(2022-उप चुनाव) निर्वाचित हुए।

मैनपुरी से पांच बार सांसद बने थे मुलायम सिंह

मुलायम सिंह यादव मैनपुरी से पांच बार सांसद निर्वाचित हुए थे। मुलायम सिंह ने साल 2004 और 2014 में मैनपुरी से विजय हासिल करने के बाद अपनी सीट छोड़ दी थी। उसके बाद वहां से 2004 में धर्मेंद यादव और 2014 में तेज प्रताप यादव सांसद निर्वाचित हुए थे। मैनपुरी को समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है। मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद वहां से परिवार के किसी अहम सदस्य का विजयी होना जरूरी था। मैनपुरी में जीत के बाद शिवपाल यादव की पार्टी का भी समाजवादी पार्टी में विलय हो गया है। ये समाजवादी पार्टी के राजनीतिक भविष्य के लिहाज से भी अहम है।

तीसरी बार सांसद निर्वाचित हुईं डिंपल

डिंपल यादव के राजनीतिक करियर की शुरुआत साल 2009 में फिरोजाबाद लोकसभा सीट में हार के साथ हुई थी। कांग्रेस उम्मीदवार राज बब्बर के खिलाफ उन्हें हार का सामना करना पड़ा। लेकिन 2012 में साल कन्नौज सीट पर हुए उपचुनाव में वो पति अखिलेश यादव की जगह जीत हासिल करने में सफल हुईं और पहली बार लोकसभा सांसद के रूप में निर्वाचित हुईं। साल 2014 में वो डिंपल कन्नौज में सपा का परचम लहराने में सफल हुईं। लेकिन साल 2019 में डिंपल यादव कन्नौज लोकसभा सीट से लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करने में नाकाम रही थीं। उन्हें भाजपा उम्मीदवार सुब्रत पाठक ने 10 हजार से अधिक मतों से हराया था।

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