2024 Elections: लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कांग्रेस ने अपनी रणनीति पर मंथन करना शुरू कर दिया है। इंडिया गुट की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस ने राज्यवार सीटों का आंकड़ा भी तैयार किया है। इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से बताया कि कांग्रेस नेताओं ने गुरुवार को उन राज्यों में ऐसी सीटों पर चर्चा की, जहां आगामी लोकसभा चुनावों के लिए सहयोगियों के साथ संभावित मतभेद पैदा हो सकते हैं। सूत्रों ने कहा कि विभिन्न राज्यों के कांग्रेस नेताओं ने समीकरण बताए और आकलन किया कि पार्टी इंडिया ब्लॉक के सहयोगियों के साथ बातचीत करते समय कितनी सीटें हासिल कर सकती है।
लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारी
बिहार में 10-12 सीटों की मांग
कांग्रेस नेताओं की राय है कि समझौता फॉर्मूला तभी तैयार किया जा सकता है जब कांग्रेस अधिक सीटों की मांग करे। बिहार के नेताओं ने कहा कि कांग्रेस राज्य में कुल 40 में से 10-12 सीटें सुरक्षित कर सकती है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे गठबंधन बनाना चाहते हैं और जेडीयू और आरजेडी की प्राथमिकताओं के आधार पर सीट आवंटन किया जा सकता है।
हालांकि टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, जेडीयू और आरजेडी राज्य में कांग्रेस-लेफ्ट को 8 सीटें देने के मूड में है। राजद के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि सीट-बंटवारे को लगभग अंतिम रूप दे दिया गया है। कुछ सीटों पर कुछ गड़बड़ियां हैं, जिन पर आरजेडी और जेडीयू दोनों चुनाव लड़ना चाहते हैं। इस मुद्दे को भी जल्द ही सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक मोटे फॉर्मूले के अनुसार, आरजेडी और जेडीयू 16-16 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे, जबकि कांग्रेस को पांच और वाम दलों को तीन सीटें दी जाएंगी। उन्होंने कहा, प्लस या माइनस पर समझौता किया जा सकता है। बिहार में लोकसभा की 40 सीटें हैं।
झारखंड में 12 सीटों पर दावा
झारखंड के पार्टी नेताओं ने कहा कि पार्टी को कुल 14 में से कम से कम 12 सीटों पर दावा करना चाहिए और सात से नीचे समझौता नहीं करना चाहिए। सूत्रों ने कहा कि उत्तर प्रदेश के नेताओं ने 40 सीटों की भारी मांग रखी, लेकिन समाजवादी पार्टी के साथ बातचीत के जरिए 20 सीटें सुरक्षित की जा सकती हैं। उत्तर प्रदेश में कुल 80 लोकसभा सीटें हैं। पश्चिम बंगाल के कांग्रेस नेताओं ने छह सीटों की मांग करने और टीएमसी से कम से कम चार सीटें हासिल करने का सुझाव दिया।
पंजाब का फॉर्मूला
पंजाब में नेताओं ने आम आदमी पार्टी के सहयोगियों की लोकसभा चुनाव अकेले लड़ने की मंशा को साझा किया। बता दें कि कांग्रेस की राष्ट्रीय गठबंधन समिति ने अभी तक पंजाब के लिए अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। समिति ने गुरुवार को पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से मुलाकात की और उन्हें लोकसभा चुनावों के लिए इंडिया गुट की अन्य पार्टियों के साथ सीट बंटवारे पर राज्य इकाइयों के फीडबैक के बारे में बताया। पैनल ने कहा कि गठबंधन सहयोगियों के साथ राज्यवार बातचीत जल्द ही शुरू होगी।
सीट शेयरिंग पर अब तक नहीं बनी बात
19 दिसंबर, 2023 को दिल्ली में आयोजित इंडिया ब्लॉक की बैठक में गठबंधन सहयोगियों ने फैसला किया था कि सीट-बंटवारे की व्यवस्था 31 दिसंबर तक पूरी हो जाएगी, लेकिन ऐस नहीं हुआ और इंडिया गुट समय सीमा से चूक गया। लोकसभा चुनाव की घड़ी नजदीक आने के साथ विपक्षी दल अब सीट-बंटवारे की व्यवस्था को अंतिम रूप देने की तैयारी में हैं, लेकिन मुश्किलें भी कम नहीं हैं। सीट शेयरिंग पर कई राज्यों में मतभेद उभरने की पूरी संभावना दिख रहा है और इसे अंतिम रूप देने में अभी लंबा वक्त लग सकता है।
