Mallikarjun Kharge: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंडिया गठबंधन के घटक दलों को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हुए पहले दो चरणों में मतदान के आंकड़ों और पंजीकृत मतदाताओं के आंकड़े प्रकाशित न किए जाने का मुद्दा उठाया है। खड़गे ने कहा है कि भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) की विश्वसनीयता अब तक के सबसे निचले स्तर पर है। यह सार्वजनिक डोमेन में है कि कैसे ईसीआई ने इतिहास में शायद पहली बार लोकसभा चुनाव के पहले और दूसरे चरण के अंतिम मतदान प्रतिशत जारी करने में देरी की।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे
खड़गे ने इस पत्र को सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर भी साझा किया है। उन्होंने कहा, मीडिया रिपोर्टों से यह जानना बेहद निराशाजनक है कि तीसरे चरण के बाद से अंतिम मतदाता सूची भी प्रकाशित नहीं की गई है। उन्होंने कहा, ये सभी घटनाक्रम चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर काली छाया की तरह हैं। यह संस्था भारत और उसके लोगों के सामूहिक प्रयासों से बनी है। उन्होंने कहा, अपने 52 सालों के राजनीतिक जीवन में मैंने कभी भी वोटिंग प्रतिशत के अंतिम प्रकाशित आंकड़ों में इतनी अधिक वृद्धि नहीं देखी है। खड़गे ने कहा, पहले और दूसरे चरण के अंतिम मतदान प्रतिशत जारी करने में अत्यधिक देरी डेटा की गुणवत्ता पर गंभीर संदेह पैदा करती है।
पहले दो चरणों के मतदान डेटा में इतनी देरी क्यों?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, पहले चरण के मतदान 19 अप्रैल को हुए थे और दूसरे चरण के चुनाव 26 अप्रैल को, लेकिन चुनाव आयोग ने वोटिंग प्रतिशत का आंकड़ा 30 अप्रैल 2024 को जारी किया। जबकि, पहले के मौकें पर चुनाव आयोग की ओर से 24 घंटों के भीतर ही मतदान का डेटा प्रकाशित किया जाता रहा है। उन्होंने कहा, इस बार ऐसा क्या बदला है जो चुनाव आयोग को मतदान प्रतिशत के आंकड़े जारी करने में इतनी देरी हुई?
मतदान प्रतिशत में अचानक से कैसे हुई वृद्धि
मल्लिकार्जुन खड़गे ने सवाल करते हुए कहा कि चुनाव आयोग के अनुसार, पहले चरण में 102 सीटों पर 7 बजे तक अनुमानित मतदान 60% था, जबकि दूसरे चरण में यह 60.96% था। ऐसा क्यों है कि 20.04.2024 को पहले चरण के लिए आयोग का अनुमानित मतदान प्रतिशत 65.5% हो गया और 27.04.2024 को दूसरे चरण के लिए मतदान का आंकड़ा 66.7% हो गया। जबकि, 30 अप्रैल को जो आंकड़े प्रकाशित हुए उसमें पहले चरण के लिए 66.14% और दूसरे चरण के लिए 66.71% आंकड़ों की पुष्टि की गई।
