राजस्थान में बंपर मतदान से गदगद BJP, क्या दोहरा पाएगी 2013 वाला प्रदर्शन?, समझें बीते 20 साल का गणित

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 26, 2023, 02:57 PM IST

Rajasthan Assembly elections 2023: राजस्थान का 20 सालों का चुनावी इतिहास कहता है कि विधानसभा चुनाव में अगर मतदान प्रतिशत कम हुआ है तो कांग्रेस की सरकार बनी है।साल 1998 के चुनाव में 63.39 फीसदी वोटिंग हुई तो कांग्रेस की सरकार बनी। 2003 के चुनाव में 3.79 फीसदी वोटिंग ज्यादा हुई।

Rajasthan Assembly elections 2023: राजस्थान विधानसभा चुनाव में इस बार बंपर वोटिंग हुई है। मतदान के 18 घंटे बाद वोटिंग का प्रतिशत 74.96 प्रतिशत तक पहुंच गया है। अभी तक 17 सी (बैलेट पेपर की एक श्रेणी) का डेटा अपडेट नहीं हुआ है। अभी मतदान का आंकड़ा और बढ़ सकता है। जैसलमेर के पोकरण विधानसभा क्षेत्र ने मतदान का फिर नया रिकॉर्ड बनाया है। यहां सर्वाधिक 87 फीसदी वोट पड़े हैं। 3 दिसंबर को राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आएंगे। सत्ता में बैठी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी और विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी इस बंपर मतदान के अलग अलग मायने निकाल रहे हैं। मतदान का यह प्रतिशत 2018 के चुनाव की तुलना में अधिक है और भाजपा इसे सत्ता के विरुद्ध डाला गया जनादेश मान रही है। ऐसा माना जा रहा है कि पेपरलीक के मुद्दे पर युवाओं ने भाजपा के पक्ष में मतदान किया है। वहीं, भ्रष्टाचार, अपराध, कानून व्यवस्था, किसान कर्जमाफी के मुद्दे पर भाजपा ने वोट पाया है।

Rajasthan Chunav 2023

राजस्थान में इस बार मतदान का प्रतिशत बढ़ा है।

जब-जब वोट प्रतिशत बढ़ा, BJP सत्ता में आई

बता दें कि राजस्थान का 20 सालों का चुनावी इतिहास कहता है कि विधानसभा चुनाव में अगर मतदान प्रतिशत कम हुआ है तो कांग्रेस की सरकार बनी है।साल 1998 के चुनाव में 63.39 फीसदी वोटिंग हुई तो कांग्रेस की सरकार बनी। 2003 के चुनाव में 3.79 फीसदी वोटिंग ज्यादा हुई और 67.18 फीसदी मतदान हुआ। इस बार बीजेपी सत्ता में आई। 2008 में 66.25 प्रतिशत वोटिंग हुई यानि प्रतिशत 0.93 फीसदी कम रहा तो कांग्रेस की सरकार बनी। 2013 के चुनाव में 8.79 फीसदी मतदान अधिक हुआ तो बीजेपी सत्ता में आई। 2018 के चुनाव में 0.98 प्रतिशत कम वोटिंग हुई तो कांग्रेस की सरकार बनी।

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