Rajasthan Chunav: राजस्थान में विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मी इस कदर बढ़ चुकी है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टी की अंदरूनी कलह सामने आने लगी है। भाजपा में टिकट को लेकर काफी माथापच्ची देखी जा रही है। चित्तौड़गढ़ विधानसभा सीट पर इस बार बेहद दिलचस्प लड़ाई होने के आसार नजर आ रहे हैं। इस सीट पर भाजपा ने मौजूदा विधायक चंद्रभान सिंह आक्या का टिकट काटकर भैरो सिंह शेखावत के दामाद नरपत सिंह राजवी को उम्मीदवार बनाया गया। फिर वही हुआ जो सियासत का चरित्र है, भाजपा विधायक का टिकट कटा तो पहले उनके समर्थकों ने विरोध किया, इसके बाद उन्होंने पार्टी को अल्टीमेटम दिया, अब उन्होंने ये ऐलान कर दिया है कि आगामी 2 नवंबर को वो नामांकन भरेंगे। इतना ही नहीं उन्होंने टिकट नहीं मिलने के बाद भी अपने पोस्टर पर पीएम मोदी, भाजपा के चुनाव चिन्ह कमल और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा की फोटो लगाकर प्रचार करना शुरू कर दिया है।
क्या चंद्रभान सिंह आक्या को टिकट देने पर मजबूर होगी भाजपा?
चित्तौड़गढ़ के विधायक ने बढ़ाई भाजपा की टेंशन!
भाजपा की दूसरी लिस्ट जैसे ही जारी हुई, पार्टी के कई नेताओं की नाराजगी खुलकर सामने आ गई। सीटिंग विधायक चंद्रभान सिंह का टिकट कटने के बाद पहले तो उनके समर्थकों ने विरोध किया, मगर जैसे-जैसे वक्त बीतता गया उनके विरोध का तरीका भी बदलता चला गया। उन्होंने टिकट कटते ही ये ऐलान किया कि आपका चंद्रभान आपके विश्वास पर एक बार फिर खरा उतरेगा। चित्तौड़गढ़ विधानसभा क्षेत्र मेरा परिवार है और परिवार का उज्ज्वल भविष्य मेरी एकमात्र चिंता..!
टिकट कटने के बावजूद मैदान में भाजपा विधायक।
क्या विधायक को टिकट देने पर मजबूर हो जाएगी भाजपा?
विधायक आक्या ने रैलियां कीं और कहा कि मेरे चित्तौड़गढ़वासियों इस "स्वाभिमान के संघर्ष" में आप सभी का साथ मैं कभी नहीं भूलूंगा। इसी कड़ी में उन्होंने बाबोसा भैरो सिंह शेखावत की 100 वीं जयंती पर भारत के प्रथम केंद्रीय सहकारिता मंत्री माननीय अमित शाह द्वारा देश में सहकारिता के क्षेत्र में किए गए कार्यों को मेरे द्वारा पुस्तक लिख कर टेबल बुक के रूप में प्रकाशित कर विमोचन किया। विजयादशमी के मौके पर विधायक चंद्रभान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चित्तौड़गढ़ नगर के पथसंचलन में शामिल हुए। सबसे खास बात तो ये कि उन्होंने ऐलान किया है कि वो दो नवम्बर को चित्तौड़गढ़ सीट से अपने दो नामांकन दाखिल करेंगे, जिसमें एक भाजपा से होगा और दूसरा निर्दलीय। उन्होंने चित्तौड़गढ़ विधानसभा कार्यालय बनाया है जिसमें भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, पीएम मोदी और पार्टी के चुनाव चिन्ह वाली तस्वीरों वाले पोस्ट लगाए गए हैं।
टिकट कटने के बाद RSS के पथसंचलन चित्तौड़गढ़ विधायक।
टिकट काटे जाने पर समर्थकों ने किया प्रदर्शन
पार्टी ने बीते शनिवार को विधानसभा चुनाव के लिए 83 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की। इसमें पार्टी ने चित्तौड़गढ़ से नरपत सिंह राजवी को उम्मीदवार बनाया है। इसकी जानकारी मिलते ही चित्तौड़गढ़ से मौजूदा विधायक आक्या के समर्थक बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यालय पर इकट्ठे हो गए एवं उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सी पी जोशी के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने कार्यालय पर लगे जोशी के पोस्टर को भी फाड़ दिया। पार्टी ने पांच बार के विधायक और भैरो सिंह शेखावत के दामाद राजवी को पहली सूची में उनकी मौजूदा सीट विद्याधर नगर सीट से टिकट नहीं दिया था। राजवी द्वारा नाराजगी जताए जाने एवं पारिवारिक विरासत के हवाले से पार्टी पर निशाना साधने के बाद पार्टी ने शनिवार को उन्हें चित्तौड़गढ़ से टिकट देने की घोषणा की जिसे 'नुकसान भरपाई' की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
सीपी जोशी से पुरानी दुश्मनी के चलते कटा टिकट
लगातार दो बार जीतने वाले आक्या के समर्थक खुलकर विरोध पर उतर आए हैं। आक्या ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि चित्तौड़गढ़ से सांसद, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जोशी उनसे पुरानी दुश्मनी रखते हैं इसलिए उनका टिकट काटा गया है। आक्या ने कहा कि क्षेत्र की जनता उनके साथ है और वह आगे के कदम के बारे में कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा कर फैसला करेंगे। पार्टी के एक प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि राजवी को चित्तौड़गढ़ से भाजपा प्रत्याशी बनाए जाने पर स्थानीय कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने आतिशबाजी कर खुशी जताई। राजवी पहले भी चित्तौड़गढ़ से विधायक रह चुके हैं।
