Azagarh Loksabha Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 में पांचवें और छठवें चरण के लिए चुनाव प्रचार जोरों पर है। पांचवें चरण के लिए 20 मई को वोटिंग होगी। छठवें चरण में उत्तर प्रदेश की हाई प्रोफाइल सीट आजमगढ़ सीट पर भी चुनाव होना है। इस सीट पर मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ और समाजवादी पार्टी (सपा) के धर्मेंद्र यादव के बीच है। इस सीट पर गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी रैली भी हुई। रैली में पीएम ने कांग्रेस और सपा पर जमकर निशाना साधा।
आजमगढ़ सीट पर दिनेश लाल यादव भाजपा के उम्मीदवार हैं।
लोकप्रिय गीत के जरिए अखिलेश पर निशाना
रैली के बाद भाजपा उम्मदीवार दिनेश लाल यादव भी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और सपा के उम्मीदवार धर्मेंद्र यादव पर निशाना साधने में देरी नहीं की। निरहुआ ने अपने लोकप्रिय गीत के जरिए दोनों भाइयों पर हमला बोला।
'अखिलेश हुए फरार, निरहुआ डटल रहे'
भाजपा उम्मीदवार ने कहा, 'दोनों भाई अखिलेश यादव और धर्मेंद्र यादव भगोड़े हैं। यहां से जीतने के बाद भाग गए और जब हारे तो भी भागे। आजमगढ़ की जनता इन्हें भगोड़ा कहती है। अब इन्होंने पीडीए बनाया है। इसका मतलब है 'परिवारवादी डकैत अलायंस'। ये पूरी तरह नाकाम हो जाएंगे। उन्होंने अपने लोकप्रिय गीत 'भउजी रहें बीमार' की तर्ज पर पैरोडी गाते हुए अखिलेश और धर्मेंद्र पर निशाना साधा। निरहुआ ने कहा, 'अब भऊजी आवें चाहे भैया, होई आजमगढ़ में जमकै लड़ैया, आर होई या पार फैसला अटल रहे, अखिलेश हुए फरार, निरहुआ डटल रहे।'
आजमगढ़ में पीएम मोदी ने की रैली
आजमगढ़ सीट पर मतदान छठवें चरण यानी 25 मई को होना है। इस रैली में पीएम ने इंडी गठबंधन पर जमकर हमले किए। उन्होंने कहा कि इस बार यह गठबंधन तुष्टिकरण का 'ट्रिपल डोज' लेकर आया है। सपा और कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दल दो हैं लेकिन इनकी दुकान एक है। ये अपनी दुकान में भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और परिवारवाद का सामान बेचते हैं।
तुष्टिकरण की 'ट्रिपल डोज' लेकर आए
पीएम ने कांग्रेस और सपा को निशाने पर लेते हुए कहा कि दल दो हैं लेकिन दुकान एक ही है। ये झूठ का सामान बेचते हैं। ये भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण और परिवारवाद का सामान बेचते हैं। अब ये लोग तुष्टिकरण की 'ट्रिपल डोज' लेकर आए हैं।
एक तरफ ये लोग पिछड़े, दलित, आदिवासी का आरक्षण छीनकर अपने वोट बैंक को देना चाहते हैं, दूसरी तरफ ये इंडी गठबंधन वाले आपकी संपत्ति का आधा हिस्सा छीनकर उसको भी अपने वोट बैंक को देना चाहते हैं। साथ ही यह लोग देश के बजट को भी बांटना चाहते हैं।
