बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) अभियान अब अंतिम दौर में पहुंच चुका है। केवल 6 दिन शेष रह गए हैं और राज्य भर में 95.92% गणना प्रपत्र (Enumeration Forms) अब तक इकट्ठे किए जा चुके हैं। अब भी लगभग 32.23 लाख यानी 4.08% मतदाताओं से फॉर्म प्राप्त करने का कार्य बाकी है। निर्वाचन आयोग इस अभियान को “मिशन मोड” में चला रहा है, ताकि 1 अगस्त, 2025 को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में किसी भी योग्य नागरिक का नाम न छूटे।
बिहार में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण में बचे हैं सिर्फ 6 दिन (फाइल फोटो-PTI)
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चुनाव आयोग का आंकड़ा
इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, बिहार के 7,89,69,844 मतदाताओं में से 7,15,82,007 या 90.64 प्रतिशत ईएफ जमा हो चुके हैं। डिजिटाइज्ड किए गए गणना फॉर्म 6,96,93,844 या 88.25 प्रतिशत हैं। जहां 41,64,814 या 5.27 प्रतिशत वोटर अपने पते पर अनुपस्थित पाए गए तो वहीं 14,29,354 या 1.81 प्रतिशत वोटर मृत पाए गए। संभवतः स्थायी रूप से स्थानांतरित निर्वाचक 19,74,246 या 2.50 प्रतिशत हैं। एक से अधिक स्थानों पर चिह्नित नामांकित निर्वाचक 7,50,213 या 0.95 प्रतिशत हैं। जिन मतदाताओं का पता नहीं चल पा रहा है, उनकी संख्या 11,000 या 0.01 प्रतिशत है। एसआईआर में कुल सम्मिलित मतदाता 7,57,46,821 या 95.92 प्रतिशत हैं।
मिशन मोड में काम जारी
बिहार में हो रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान पूरा चुनावी तंत्र, अर्थात लगभग 1 लाख बीएलओ, 4 लाख वॉलंटियर्स, राजनीतिक पार्टियों द्वारा नियुक्त 1.5 लाख बूथ लेवल एजेंट और उनके जिला अध्यक्ष, सभी साथ मिलकर मिशन मोड में काम कर रहे हैं, ताकि 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची में किसी भी योग्य मतदाता का नाम न छूटे। अभी भी एन्यूमरेशन फॉर्म भरने में 6 और दिन बाकी हैं और बचे हुए लगभग 32 लाख मतदाताओं को जोड़ने के लिए आयोग यथासंभव कोशिश कर रहा है।
छूटे हुए मतदाताओं से संपर्क करने की कोशिश जारी
बीएलओ पहले ही तीन से भी अधिक बार घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर चुके हैं। इन छूटे हुए मतदाताओं से संपर्क करने के लिए बीएसओ का एक और दौरा सहित पूरे चुनावी तंत्र का संगठित प्रयास भी शुरू किया जा चुका है। अस्थायी रूप से देश के विभिन्न हिस्सों में गए बिहार के मतदाताओं को शामिल करने के लिए भी चुनाव आयोग देशव्यापी विज्ञापन सहित सभी संभव माध्यमों से उन्हें सूचित कर रहा है। बचे हुए शहरी मतदाताओं को जोड़ने के लिए सभी 261 शहरी स्थानीय निकायों के सभी 5,683 वार्डों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं।
