Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में कई ऐसे ऐसे राजनेता हैं, जिसकी काफी चर्चा हो रही है। कई उम्मीदवार ऐसे हैं, जिनके पास करोड़ों की संपत्ति है। वहीं, कई नेता ऐसे हैं, जिनपर संगीन आरोप भी लगे हैं। अक्सर चुनावी प्रचार-प्रसार में उम्मीदवार पैसों को पानी की तरह बहाते हैं, लेकिन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि तीन नेता ऐसे भी हैं, जिनपर करोड़ों का कर्ज है।
बिहार विधानसभा चुनाव के टॉप-3 कर्जदार उम्मीदवार।(फोटो सोर्स: PTI)
शंभू नाथ यादव
रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार शंभू नाथ यादव पर 66 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है। शंभू नाथ यादव ब्रह्मपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
सियासत में आने से पहले शंभू नाथ यादव बिहार पुलिस में सिपाही के तौर पर कार्यरत थे। जब लालू यादव बिहार के मुख्यमंत्री थे, तब शंभू यादव सीएम के बॉडीगार्ड थे। उसी समय से लालू यादव से उनकी नजदीकियां बढ़ गई। इसके बाद शंभू नाथ यादव ने राजनीति में एंट्री की। पिछले साल आईटी की टीम ने आरजेडी विधायक शंभू यादव के 13 ठिकानों पर छापेमारी की थी।
ददन यादव
वहीं, बीएसपी के उम्मीदवार ददन यादव पर 46 करोड़ रुपये का कर्ज है। वो डुमरांव विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। 2000 के विधानसभा चुनाव में ददन डुमरांव के विधायक बने। बिहार सरकार के पूर्व मंत्री ददन पहलवान को दो वर्ष की सजा भी हो चुकी है।
तीसरे नंबर पर जनता दल (यूनाइटेड) के नेता अनंत कुमार सिंह हैं। उनप 25 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है। अनंत सिंह मोकामा से चुनाव लड़ रहे हैं।
अनंत सिंह
अनंत सिंह को एक बाहुबली नेता के रूप में जाना जाता है। वो मोकामा के पूर्व विधायक हैं। अनंत सिंह लग्जरी लाइफ जीते हैं, उनके पास धन-संपत्ति की भी कोई कमी नहीं है। चुनावी हलफनामे में उन्होंने अपनी संपत्ति का ब्योरा दिया है।
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार चुनाव के टॉप 3 कर्जदार उम्मीदवार।(फोटो सोर्स: ADR)
इस चुनाव में कई धनकुबेर नेता भी अपना भाग्य आजमा रहे हैं। एक ऐसे उम्मीदवार हैं, जिनके पास 170 करोड़ रुपये की संपत्ति है। एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार की मुंगेर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे कुमार प्रणय के पास 170 करोड़ रुपये की संपत्ति है। बिहार इलेक्शन वॉच/ADR ने रिपोर्ट में कहा है कि 1303 में से 519 (40 फीसदी) करोड़पति उम्मीदवार हैं।
वहीं, बिहार इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट के मुताबिक, पहले चरण में चुनाव मैदान में उतरे 1303 में से 423 (32 फीसदी) उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले हैं। 1303 में से 354 (27 फीसदी) पर गंभीर आपराधिक केस घोषित किए हैं।
