Bihar Election: क्या हुआ उन 15 सीटों का, जिन पर पिछले चुनाव में सबसे कम रहा था जीत-हार का अंतर

Bihar Election Result 2025: दो चरणों में हुए बिहार विधानसभा चुनाव के के बाद शुक्रवार 14 नवंबर को मतगणना हुई। मतगणना शुरू होने के साथ ही उम्मीदवारों की किस्मत भी ईवीएम से बाहर आने लगी। पिछले विधानसभा चुनाव में जिन 15 सीटों पर हार-जीत का अंतर सबसे कम था, उन सीटों पर इस बार क्या हुआ, यहां जानें -

Bihar Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा चरण 11 नवंबर को सम्पन्न हुआ। पहले चरण में 121 पर मतदान हुआ, जबकि दूसरे चरण के तहत 122 सीटों पर वोट डाले गए और शुक्रवार 14 नवंबर को चुनावी रिजल्ट सामने आया। पिछले कुछ विधानसभा चुनावों की तरह बिहार में इस बार भी मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ NDA और विपक्षी महागठबंधन के बीच ही रहा। हालांकि, जिस तरह के नतीजे आए हैं, उसे देखकर कहा जा सकता है कि NDA और महागठबंधन में कोई मुकाबला था ही नहीं। NDA ने 202 सीटें जीतकर एकतरफा जीत हासिल की। NDA में भाजपा और जनता दल यूनाइटेड मुख्य पार्टियां हैं, जबकि महागठबंधन में RJD, कांग्रेस और वाम दल सहित कई पार्टियां शामिल हैं। पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने भी इस बार ताल ठोंकी। तमाम गुणा-भाग के बीच सभी की नजर उन 15 सीटों पर थी, जहां पिछले विधानसभा चुनाव में हार-जीत का अंतर सबसे कम था।

15 Seat Where Margin was marginal in last Election.

जिन सीटों पर पिछले चुनाव में सबसे कम था हार-जीत का अंतर, वहां इस बार क्या हुआ?

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 में तीन सीटों पर हार-जीत का अंतर 200 वोट से भी कम था। यही नहीं राज्य में कुल 243 में से 9 विधानसभा सीटें ऐसी थीं, जिन पर जीत-हार का अंतर 1000 वोट से कम था। सबसे कम अंतर के जीत-हार की बात की जाए तो एक सीट पर जीत-हार का अंतर सिर्फ 12 वोट का था। राज्य की हिलसा विधानसभा सीट पर JDU प्रत्याशी कृष्णमुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया ने RJD उम्मीदवार अत्री मुनी उर्फ शक्ति सिंह यादव को 12 वोटों से हराकर जीत दर्ज की थी। इस बार दोनों उम्मीदवारों ने फिर से इसी सीट पर ताल ठोंकी थी।

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