Bihar Chunav 2025 Jan Suraaj Winner List: बिहार विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज पार्टी को बहुत बड़ा झटका लगा है। उनकी पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई है। पीके की पार्टी ने इस चुनाव में विधानसभा की 238 सीटों पर चुनाव लड़ा था। हालांकि, प्रशांत किशोर खुद चुनाव नहीं लड़े लेकिन उन्होंने पेशेवर, पूर्व नौकरशाह, वकील, शिक्षाविद, कलाकार सहित कई बड़े चेहरों को टिकट दिया। पीके बिहार में इस बार बड़ा बदलाव होने की बात कहते आए हैं। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में उनकी पार्टी या तो अर्श पर होगी या फर्श पर। फिर भी चुनावी पंडित मानते आए हैं कि इस चुनाव में जनसुराज पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिले लेकिन वह महागठबंधन और एनडीए दोनों का वोट काट सकती है और अपने वोट शेयर में इजाफा कर सकती है।
जनसुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर। तस्वीर-PTI
जनसुराज पार्टी का चुनाव रिजल्ट Updates
-प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज सभी सीटों पर पीछे हो गई है, अब किसी सीट पर उसकी बढ़त नहीं
-पीके की पार्टी की बढ़त कमजोर पड़ती दिख रही है, अब उसके उम्मीदवार दो सीटों पर आगे चल रहे हैं
-जनसुराज पार्टी दो सीटों पर पीछे हो गई है, अब वह तीन सीटों पर आगे चल रही है
-प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी अब 5 सीटों पर आगे चल रही है
-जनसुराज पार्टी चनपटिया सीट पर भी आगे चल रही है, चनपटिया से मनीष कश्यप उम्मीदवार हैं
-करगहर सीट से भोजपुरी गायक रितेश पांडे आगे चल रहे हैं
-पोस्टल बैलेट की गिनती में जनसुराज पार्टी 4 सीटों पर आगे चल रही है
एग्जिट में अधिकतम 4 सीटें मिलने का अनुमान
दूसरे चरण के मतदान के बाद आए एग्जिट पोल्स में भी जनसुराज पार्टी को अधिकतम चार सीटें मिलने का अनुमान जताया गया। एग्जिट पोल्स में पीके की पार्टी को 9.7% वोट शेयर मिलने की बात कही गई। प्रशांत किशोर की इस पार्टी को बने अभी एक साल ही हुआ है। कहा जा रहा है कि जनसुराज को मिलने वाला वोट प्रतिशत कांग्रेस से भी प्वाइंट एक फीसदी ज्यादा रह सकता है। अगर ऐसा हुआ तो जन सुराज को देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस से भी एक फीसदी ज्यादा वोट मिलेंगे।
उम्मीदवार संजय सिंह भाजपा में हुए शामिल
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मुंगेर सीट पर मतदान से ठीक पहले एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर द्वारा समर्थित 'जन सुराज' अभियान के उम्मीदवार संजय सिंह ने अचानक भाजपा (NDA) में शामिल होने का फैसला कर लिया। मतदान के लिए एक दिन से भी कम समय बचा होने के कारण, संजय सिंह के इस कदम को मुंगेर सीट पर भाजपा की चुनावी संभावनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
