Saharsa Assembly Election 2025: मिथिला की धरती सहरसा में RJD-JDU की सीधी टक्कर, कौन वोटर बनेंगे जीत के फैक्टर?

Saharsa Assembly Election 2025: सहरसा विधानसभा सीट से इस बार एनडीए की ओर से भाजपा प्रत्याशी डॉ. आलोक रंजन ने चौथी बार नामांकन किया है तो महागठबंधन की ओर आईपी गुप्ता को उम्मीदवार बनाया गया है। चुनावी इतिहास को देखा जाए तो सहरसा की जनता समय-समय पर बदलाव करती रही है। 2025 में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या राजद एक बार फिर वापसी कर पाएगी या भाजपा अपने गढ़ को बचाए रखने में सफल होगी।

Saharsa Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को मतदान होने हैं और परिणाम 14 नवंबर को आएगा। इसी बीच सहरसा विधानसभा सीट पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। कोसी नदी के किनारे बसा सहरसा, जिसका नाम संस्कृत शब्द 'सहस्रधारा' से पड़ा, जो बिहार की राजनीति में अपनी विशेष पहचान रखता है। यहां की भौगोलिक परिस्थितियां और सामाजिक समीकरण इसे चुनावी दृष्टि से और भी अहम बना देते हैं। इस बार एनडीए की ओर से भाजपा प्रत्याशी डॉ. आलोक रंजन ने चौथी बार नामांकन किया है तो महागठबंधन की ओर आईपी गुप्ता को उम्मीदवार बनाया गया है।

Saharsa Assembly Election 2025.

सहरसा विधानसभा चुनाव 2025

नदियों से घिरा है यह इलाका

कोसी, बागमती और गंडक नदियों से घिरा यह इलाका हर साल बाढ़ की मार झेलता है। पुल और सड़कें टूटने से जहां जीवन अस्त-व्यस्त होता है, वहीं यही बाढ़ मिट्टी को उपजाऊ भी बनाती है। यही वजह है कि सहरसा मक्का और मखाना उत्पादन का बड़ा केंद्र बन चुका है, जहां से हर साल लाखों टन मक्का का निर्यात होता है। सहरसा मिथिला क्षेत्र का हिस्सा है, जहां मैथिली और हिंदी प्रमुख भाषाएं हैं। हालांकि बिहार का 15वां बड़ा शहर होने के बावजूद यहां की साक्षरता दर केवल 54.57 फीसदी है।

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