Nabinagar Assembly Elections 2025: क्या है नबीनगर सीट का समीकरण, बिहार के पहले डिप्टी सीएम से जुड़े हैं तार; जानें कब होगी वोटिंग

Nabinagar Assembly Constituency (नबीनगर विधानसभा सीट): नबीनगर विधानसभा सीट, बिहार की अहम सीटों में से है। यह सीट औरंगाबाद जिले के तहत आती है। नबीनगर सीट पर 11 नवंबर को मतदान होने वाला है। वर्तमान में इस सीट पर आरजेडी का कब्जा है। आइए जानते हैं कि नबीनगर विधानसभा सीट का इतिहास क्या है, इस सीट पर कितने वोटरों की संख्या क्या है और यहां का जातीय समीकरण क्या कहता है?

Nabinagar Assembly Constituency (नबीनगर विधानसभा सीट): बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों से चल रही हैं। इस बार बिहार चुनाव (Bihar Assembly Election) दो चरणों में 6 नवंबर और 11 नवंबर को होंगे। जिसके बाद 14 नवंबर को मतगणना की जाएगी। बिहार की 243 सीटों में से एक नबीनगर विधानसभा सीट भी चुनाव के लिजाज से बेहद अहम है। जिसपर दूसरे चरण में चुनाव आयोजित होंगे। नबीनगर सीट औरंगाबाद (Aurangabad) जिले में आती है। नबीनगर विधानसभा का राजनीतिक इतिहास काफी पुराना और प्रभावशाली रहा है। यह सीट बिहार के पहले उप-मुख्यमंत्री अनुग्रह नारायण सिन्हा (Anugrah Narayan Sinha) से जुड़ी है, जिन्होंने 1946 से 1957 तक वित्त मंत्री और उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला।

Nabinagar Seat

नबीनगर विधानसभा सीट

कब बनी नबीनगर विधानसभा सीट

नबीनगर विधानसभा क्षेत्र का गठन साल 1951 में हुआ था। यह सीट करकट लोकसभा क्षेत्र (Karakat Lok Sabha constituency) के अंतर्गत आती है। नबीनगर विधानसभा सीट पर अब तक 18 बार इलेक्शन हो चुके हैं, जिनमें एक उपचुनाव भी शामिल हैं। बिहार के पहले डिप्टी सीएम अनुग्रह नारायण सिन्हा के परिवार का दशकों तक नबीनगर की राजनीति पर प्रभाव रहा। उनके बेटे सत्येंद्र नारायण सिन्हा उर्फ छोटे साहब (Satyendra Narayan Sinha) 1989 में बिहार के सीएम बने, जिनकी पत्नी किशोरी सिन्हा दो बार सांसद रह चुकी हैं और बेटा निखिल कुमार दिल्ली पुलिस कमिश्नर व औरंगाबाद से सांसद रह चुके हैं। इस सीट पर 8 बार कांग्रेस को जीत मिल चुकी है। इसके अलावा आरजेडी ने तीन बार जीत और जनता दल (यू) ने दो बार जीत हासिल की। वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, जनता पार्टी, बिहार पीपुल्स पार्टी और लोक जनशक्ति पार्टी के एक-एक बार विधायक बन चुके हैं।

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