Morwa Assembly Election 2025: भौगोलिक और राजनीतिक महत्व से परिपूर्ण है मोरवा की जमीन; जानें इस विधानसभा सीट का समीकरण और बिहार चुनाव से जुड़े अपडेट

Morwa Assembly Election 2025: समस्तीपुर जिले की मोरवा विधानसभा सीट राजनीतिक दृष्टि से हमेशा से ही महत्वूर्ण मानी जाती रही है। यह क्षेत्र न केवल अपने उपजाऊ मैदान और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए जाना जाता है, बल्कि यहां का चुनावी परिदृश्य जातिगत समीकरणों और निर्णायक मतदाताओं की सक्रियता से भी प्रभावित होता है। 6 नवंबर को होने वाले चुनाव में यहां राजद, जदयू और जनसुराज के बीच सघन मुकाबला देखने को मिल सकता है।

Morwa Assembly Election 2025: समस्तीपुर जिले में स्थित मोरवा विधानसभा सीट भौगोलिक रूप से उपजाऊ गंगा के मैदान का हिस्सा है। इस क्षेत्र से लगभग 32 किलोमीटर दूर बहने वाली बूढ़ी गंडक नदी यहां की कृषि को जीवन देती है। राजनीतिक दृष्टि से यह सीट हमेशा कांटे की टक्कर वाली मानी जाती है। यह सीट उजीयारपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है, और इसका राजनीतिक प्रभाव दिल्ली की सियासत तक महसूस किया जाता है। वर्तमान में यह सीट सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है, जहां राजद (RJD) का कब्जा है। समस्तीपुर जिला मुख्यालय से करीब 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह क्षेत्र हर चुनाव में राजद और जदयू (JDU) के बीच तीव्र मुकाबले का गवाह रहा है। इस बार समीकरण कुछ अलग दिख रहे हैं। जनसुराज पार्टी ने भी मैदान में उतरकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। पार्टी ने अपनी पहली उम्मीदवार सूची में कर्पूरी ठाकुर की पोती डॉ. जागृति ठाकुर को मोरवा से प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में इस बार मोरवा सीट पर राजद, जदयू और जनसुराज के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिल सकता है।

Morwa Assembly Election 2025

मोरवा विधानसभा चुनाव 2025

यादगार रहा 2020 का विधानसभा चुनाव

मोरवा विधानसभा सीट हमेशा ही निर्णायक मतदाताओं और अनपेक्षित चुनावी नतीजों के लिए जानी जाती रही है। साल 2020 का चुनाव इस सीट के लिए खास तौर पर यादगार रहा, जब आरजेडी के रणविजय साहू ने अपने कड़े प्रतिद्वंद्वी को मात देकर जीत दर्ज की। रणविजय ने इस बार लगभग 10 हजार वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। मोरवा के चुनाव में अक्सर मुकाबला जदयू और आरजेडी के बीच ही रहता है। यहां के मतदाता किसी एक पार्टी या नेता पर स्थायी रूप से निर्भर नहीं रहते। वे हमेशा यह आंकलन करते हैं कि कौन उनके क्षेत्र और जनता के लिए वास्तव में काम कर सकता है। यही वजह है कि मोरवा के मतदाता बदलाव और नए उम्मीदवारों को स्वीकार करने के लिए तैयार रहते हैं।

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