Tarapur Assembly Constituency (तारापुर विधानसभा सीट): तारापुर विधानसभा क्षेत्र जमुई लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है, हालांकि प्रशासनिक रूप से यह मुंगेर जिले में स्थित है। इस क्षेत्र में तीन लाख से अधिक मतदाता हैं। राजनीतिक दृष्टि से देखें तो यहां लंबे समय से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) का वर्चस्व रहा है। पिछले सात विधानसभा चुनावों में इसी दोनों दलों के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। इतिहास, संस्कृति, आस्था और राजनीति के रंगों से सजा तारापुर अनुमंडल स्तरीय कस्बा मुंगेर जिले का एक प्रमुख राजनीतिक केंद्र माना जाता है, जो जमुई लोकसभा क्षेत्र का अभिन्न हिस्सा है।
क्या है तारापुर का जातीय समीकरण
जदयू का परंपरागत गढ़
तारापुर विधानसभा सीट पर 2010 से लगातार जनता दल यूनाइटेड (जदयू) का दबदबा बना हुआ है। 2021 में हुए उपचुनाव में भी जदयू ने यहां जीत दर्ज की थी। 1951 में गठित इस क्षेत्र ने अब तक 19 बार विधायक चुने हैं, जिनमें दो उपचुनाव शामिल हैं। कांग्रेस ने पांच, जदयू ने छह (दो बार समता पार्टी के रूप में) और राजद ने तीन बार जीत दर्ज की है, जबकि संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी, शोषित दल, जनता पार्टी, सीपीआई और एक निर्दलीय प्रत्याशी ने एक-एक बार जीत हासिल की है।
जातीय समीकरण और स्थानीय प्रभाव
तारापुर विधानसभा में कुशवाहा (कोइरी) समुदाय का जबरदस्त प्रभाव है। यहां अनुसूचित जाति के मतदाता लगभग 15.1% और मुस्लिम मतदाता करीब 6.8% हैं। तारापुर की राजनीति लंबे समय तक वरिष्ठ नेता शकुनी चौधरी के इर्द-गिर्द घूमती रही है, जो यहां से छह बार विधायक रह चुके हैं। उनकी पत्नी भी एक बार चुनाव जीत चुकी हैं। 2019 में शकुनी चौधरी ने सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया। अब उनके बेटे और भाजपा के कद्दावर नेता, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस सीट से एनडीए की ओर से मैदान में उतर रहे हैं।
पिछले चुनावों का गणित
2020 के विधानसभा चुनाव में जदयू उम्मीदवार मेवालाल चौधरी ने राजद की दिव्या प्रकाश (पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश नारायण यादव की पुत्री) को 7,225 वोटों से हराया था। मेवालाल को 64,468 वोट मिले, जबकि दिव्या को 57,243 वोट मिले थे। 2021 में मेवालाल चौधरी के निधन के बाद हुए उपचुनाव में जदयू के राजीव कुमार सिंह ने राजद के अरुण कुमार साह को मामूली अंतर (3,852 वोट) से मात दी थी।
इस चुनाव इनके बीच होगा मुकाबला
इस बार तारापुर सीट पर मुकाबला और भी दिलचस्प होने वाला है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद मैदान में हैं, जिससे एनडीए खेमे में जोश है। वहीं, महागठबंधन ने VIP से सकलदेव बिंद को उम्मीदवार बनाया है। प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के सामने डॉ. संतोष सिंह को टिकट दिया है।
तारापुर में कब होंगे चुनाव (Munger Election Date):
| नोटिफिकेशन की तारीख | 10 अक्टूबर 2025 |
| नामांकन की आखिरी तारीख | 17 अक्टूबर 2025 |
| नामांकन जांच की आखिरी तारीख | 18 अक्टूबर 2025 |
| नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख | 20 अक्टूबर 2025 |
| मतदान | 6 नवंबर 2025 |
| चुनाव नतीजे | 14 नवंबर 2025 |
राजनीतिक और सामाजिक महत्व
तारापुर विधानसभा क्षेत्र में असरगंज, टेटिहा बम्बर, संग्रामपुर और खड़गपुर ब्लॉक की आठ ग्राम पंचायतें शामिल हैं। यह क्षेत्र इतिहास, संस्कृति और आस्था का केंद्र माना जाता है, लेकिन इसकी पहचान सबसे अधिक इसके राजनीतिक महत्व से है। यहां की ओबीसी आबादी, विशेषकर कुशवाहा समाज, हमेशा से चुनावी परिणामों को प्रभावित करती रही है।
