Singheshwar Assembly Election 2025: बिहार विधानसभा की 243 सीटों में से एक सिंहेश्वर (SC) सीट भी है, जहां पहले चरण में 6 नवंबर को वोटिंग और 14 नवंबर को परिणाम सामने आएंगे। मधेपुरा जिले स्थित यह आरक्षित सीट से इस बार RJD के मौजूदा विधायक चंद्रहास चौपाल के सामने JDU के रमेश ऋषिदेव हैं। उधर, 'जन सुराज' की एंट्री ने इस मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। सिंहेश्वर सीट 2008 में परिसीमन के बाद यह सुपौल लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा बन गई, जबकि पहले यह मधेपुरा संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आती थी। इस विधानसभा क्षेत्र में सिंघेश्वर, शंकरपुर और कुमारखंड प्रखंड शामिल हैं। इस सीट के लिए 12 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है, जिसमें से 3 के नामांकन रद्द कर दिए गए हैं और एक ने नाम वापस ले लिया है।
सिंघेश्वर सीट
क्या है चुनावी समीकरण
साल 1977 में स्थापित इस विधानसभा क्षेत्र में अब तक 12 बार चुनाव हो चुके हैं, जिनमें 1981 का उपचुनाव भी शामिल है। साल 2005 से लगातार चार बार जनता दल (यूनाइटेड) ने यहां जीत हासिल की। इसके अलावा राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस ने दो-दो बार, जबकि जनता पार्टी, लोकदल, जनता दल और एक निर्दलीय प्रत्याशी ने एक-एक बार जीत का स्वाद चखा।
हालांकि, 2020 के विधानसभा चुनाव में जदयू के विजयी होने का सिलसिला खत्म हो गया, जब राजद के चंद्रहास चौपाल ने 5,573 के मामूली मतों से जीत दर्ज की। यह उन 25 सीटों में से एक थी, जहां लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) ने एनडीए से अलग होकर केवल जदयू को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से उम्मीदवार मैदान में उतारे थे।
सिंहेश्वर में कितने मतदाता
मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से 2020 में सिंहेश्वर में कुल 3,10,531 रजिस्टर्ड वोटर थे। इनमें से अनुसूचित जाति के मतदाता 63,938 (20.59 प्रतिशत), अनुसूचित जनजाति के 1,615 (0.52 प्रतिशत) और मुस्लिम मतदाता 39,437 (12.7 प्रतिशत) थे। हालांकि, यादव समुदाय यहां का सबसे बड़ा और प्रभावशाली वोट बैंक है, जिसकी संख्या कुल मतदाताओं का लगभग 25.30 प्रतिशत है। 2024 के लोकसभा चुनाव तक यह संख्या बढ़कर 3,29,079 हो गई, जबकि 2020 की मतदाता सूची के 2,747 मतदाता इस दौरान क्षेत्र से रोजगार के वास्ते पलायन कर चुके थे।
साल 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में आरजेडी ने सिंहेश्वर के मौजूदा विधायक चंद्रहास चौपाल को सुपौल लोकसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया था, लेकिन सिंहेश्वर विधानसभा क्षेत्र में वे 17,125 वोटों से पिछड़ गए। 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए, इंडिया ब्लॉक और जनसुराज प्रत्याशी के मैदान में आने से सिंहेश्वर में रोचक चुनावी मुकाबले की उम्मीद है। इस बार राजद को लोकसभा चुनाव के खराब प्रदर्शन के बाद अपनी हार का आकलन करना होगा।
