अजित पवार को मिली NCP, लेकिन असली टेस्ट होना अभी बाकी, सामने ये चुनौतियां

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Feb 8, 2024, 02:24 PM IST

भले ही शिवसेना और एनसीपी को विभाजित करने की भाजपा की रणनीति लगभग एक जैसी थी, लेकिन अजित की मुश्किलें एकनाथ शिंदे के मुकाबले अधिक गंभीर है

Ajit Pawar: भारतीय जनता पार्टी के साथ सरकार बनाने की नाकाम कोशिश और अपने चाचा शरद पवार से मात खाने के चार साल बाद अजित पवार आखिरकार एनसीपी पर पूरा नियंत्रण हासिल करने में कामयाब हो गए हैं। सात महीने की लंबी लड़ाई के बाद चुनाव आयोग ने मंगलवार को उनके गुट को असली एनसीपी घोषित किया। इस घटनाक्रम ने अजीत के लिए चीजें पूरी तरह से बदल दी हैं, जो हमेशा पर्दे के पीछे काम करना पसंद करते थे। पार्टी में बंटवारे से पहले तक शरद पवार एनसीपी का निर्विवाद चेहरा थे। लेकिन अब अजित को आगे बढ़कर पार्टी का नेतृत्व करना होगा और अपने नाम पर वोट मांगना होगा। यही उनकी सबसे बड़ी चुनौती है।

Ajit Pawar

अजित पवार की सियासत

चाचा की छाया से निकलने को बेताब

हमेशा अपने चाचा की छाया से बाहर निकलने और महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनने के लिए बेताब रहने वाले 64 वर्षीय अजित पवार के सामने अब कई चुनौतियां हैं। अब उन्हें अपने ही चाचा को अलग-थलग करने के भावनात्मक मुद्दे का सामना करना पड़ेगा। चुनाव आयोग का फैसला घोषित होने के तुरंत बाद शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट की राष्ट्रीय अध्यक्ष, पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने अजीत पर व्यक्तिगत हमला करते हुए कहा, अजित ने उनके पिता को बेघर कर दिया है। जिस घर में आपका जन्म हुआ वह आपके पिता के नाम पर है। क्या आप अपने पिता को बाहर करने जा रहे हैं?

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