Haryana Assembly Election 2024 : हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए सभी राजनीतिक दल पूरे जोर-शोर से मैदान में उतर चुके हैं। उम्मीदवार की घोषणा हो रही है। सभी की नजरें सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवारों पर टिकी है। प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम महुर लगाने के लिए दिल्ली में गुरुवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर बैठक हुई। बताया जा रहा है कि अब इन नामों पर अंतिम मुहर गुरुवार शाम को होने वाली केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक में लगेगी। इस बैठक में पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित अन्य नेता शामिल होंगे।
हरियाणा में विधानसभा की 90 सीटें हैं।
जिताऊ उम्मीदवार, नए चेहरों पर दांव लगा सकती है भाजपा
सूत्रों का कहना है कि पहली सूची में आस लगाए नेताओं के बेटा-बेटियों और उनके रिश्तेदारों का टिकट कट सकता है। पार्टी जिताऊ और नए चेहरों पर दांव लगा सकती है। हरियाणा में विधानसभा की 90 सीटों के लिए चुनाव एक चरण में एक अक्टूबर को होंगे। चुनाव नतीजे 4 अक्टूबर को आएंगे। इस बार के चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा, कांग्रेस, इनेलो, जजपा और AAP के बीच है। सपा, बसपा और चंद्रशेखर आजाद की पार्टी भी चुनाव मैदान में हैं। बसपा का गठबंधन इनेलो से और जजपा का गठबंधन चंद्रशेखर की पार्टी से हुआ है।
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बैठक में ये नेता हो सकते हैं शामिल
सीईसी की बैठक में हरियाणा के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और सह-प्रभारी बिप्लव देब, प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बडौली और अन्य वरिष्ठ नेताओं के भी इस बैठक में मौजूद रहने की संभावना है। नड्डा के आवास पर कोर ग्रुप की बैठक में शाह के अलावा धर्मेंद्र प्रधान, मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री सैनी और हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष बडोली भी शामिल थे। इससे पहले प्रधान ने अपने आवास पर हरियाणा भाजपा नेताओं के साथ बैठक की। हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए एक अक्टूबर को मतदान होगा। मतगणना चार अक्टूबर को होगी।
लोकसभा चुनाव में भाजपा को 5 सीटों का हुआ नुकसान
हरियाणा में वर्तमान में भाजपा की सरकार है। उसकी चुनौती राज्य में अपनी सत्ता बरकरार रखना है। हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनावों में राज्य में विपक्षी वोटों के एकजुट होने से भाजपा की सीटों की संख्या घटकर पांच रह गई तथा शेष सीट कांग्रेस के खाते में चली गईं। पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने राज्य में सभी 10 सीट पर जीत हासिल की थी। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को सबसे ज्यादा 40 सीट मिलीं। कांग्रेस 31 सीट जीतकर मुख्य विपक्षी पार्टी बनी। विधानसभा चुनाव में जननायक जनता पार्टी (जजपा) 10 सीट जीतने में सफल रही। सात सीटें निर्दलीय को, इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) को एक और हरियाणा लोकहित पार्टी को एक सीट पर जीत मिली।
खट्टर के बाद सैनी सीएम बने
बाद में भाजपा ने जजपा के साथ मिलकर गठबंधन की सरकार बनाई। मनोहर लाल खट्टर फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बने जबकि जजपा के दुष्यंत चौटाला उपमुख्यमंत्री बने। हालांकि लोकसभा चुनाव में सीट साझेदारी को लेकर असहमति के बाद यह गठबंधन टूट गया। बाद में भाजपा ने निर्दलीय विधायकों के समर्थन के दम पर अपनी सरकार बचा ली। कुछ दिनों के बाद भाजपा ने खट्टर को मुख्यमंत्री पद से हटा दिया और नायक सिंह सैनी को राज्य की कमान सौंपी।
