Rahul Gandhi Bihar Yatra: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बिहार में निकाली गई वोटर अधिकार यात्रा पर एक विस्तृत न्यूजलेटर जारी किया है। यह न्यूजलेटर हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में उपलब्ध है। इसमें उन्होंने यात्रा के दौरान सामने आए अनुभव, जनता की समस्याओं और वोट चोरी से जुड़े आरोपों को विस्तार से रखा है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और RJD नेता तेजस्वी यादव (Photo- PTI)
16 दिन, 20 जिले और 1300 किलोमीटर
राहुल गांधी ने 1 अगस्त से 31 अगस्त तक बिहार में वोटर अधिकार यात्रा चलाई। यह यात्रा 16 दिन चली, जिसमें उन्होंने 20 से ज्यादा जिलों का दौरा किया। यात्रा के दौरान करीब 1300 किलोमीटर की दूरी तय की गई और 18 बड़ी रैलियां की गईं। राहुल गांधी का कहना है कि यह सिर्फ यात्रा नहीं थी, यह उन लाखों लोगों की आवाज थी जिन्हें वोट का अधिकार छीन लिया गया है।
वोट चोरी का गंभीर आरोप
राहुल गांधी लगातार आरोप लगा रहे हैं कि चुनाव आयोग और बीजेपी मिलकर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बेंगलुरु सेंट्रल की एक विधानसभा सीट में 1 लाख से अधिक फर्जी मतदाता पाए गए। बिहार में भी उनके मुताबिक, लाखों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया।
उन्होंने कहा, 'अगर जनता का वोट ही चोरी हो जाएगा, तो फिर चुनाव महज एक धोखा बनकर रह जाएगा।'
चुनाव आयोग का जवाब और SIR
चुनाव आयोग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। आयोग का कहना है कि विशेष मतदाता पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया कानून के मुताबिक है। इसमें मृत व्यक्तियों या दोहराए गए नामों को मतदाता सूची से हटाया जाता है और नए नाम जोड़े जाते हैं। चुनाव आयोग का दावा है कि यह प्रक्रिया पारदर्शी है और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में की जाती है।
नेता विपक्ष राहुल गांधी का पलटवार
राहुल गांधी का कहना है कि SIR की प्रक्रिया को बहाना बनाकर असली मतदाताओं के नाम काट दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ तकनीकी त्रुटि नहीं है, यह लोकतंत्र को खत्म करने की सुनियोजित साजिश है। राहुल गांधी ने ये भी कहा था कि जब लोकतंत्र की सबसे अहम प्रक्रिया यानी मतदान ही संदिग्ध हो जाए तो फिर जनता के अधिकार सुरक्षित कैसे रहेंगे।
मीडिया की चुप्पी और जनता की भागीदारी
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यधारा की मीडिया ने उनकी यात्रा को नजरअंदाज किया। उनका कहना है कि यात्रा को जनता ने पूरी तरह से अपनाया और हर जगह बड़ी संख्या में लोग जुड़े, लेकिन मीडिया ने इस पर मौन साध लिया।
