Yuva Kaushal Chaupal on world youth skills day: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इस बार विश्व युवा कौशल दिवस पर एक खास पहल की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'कौशल भारत - महाशक्ति भारत' संकल्प और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पहली बार दो दिवसीय "युवा कौशल चौपाल" का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रशिक्षण पाकर आत्मनिर्भर बने युवा खुद अपनी जिंदगी की बदली हुई कहानी जनता से साझा करेंगे। 15 और 16 जुलाई को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षित सैकड़ों युवाओं की मौजूदगी रहेगी, लेकिन मंच पर बोलने का अवसर मिलेगा उन 11 युवाओं को, जिन्होंने कौशल के दम पर न सिर्फ रोजगार पाया, बल्कि खुद कई लोगों के लिए नौकरी का साधन भी बन गए। इन युवाओं को चौपाल में "कौशल यूथ आइकॉन" के रूप में सम्मानित किया जाएगा।
Yuva Kaushal Chaupal
World Youth Skills Day: यूथ मोटिवेशनल मूवमेंट की तरह होगा कार्यक्रम
इस आयोजन की जानकारी देते हुए कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह मंच स्किल इंडिया के विज़न को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगा। इससे हर गांव, हर कस्बे के युवा को यह संदेश मिलेगा कि कौशल ही सच्ची ताकत है और इससे आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा जा सकता है। युवा कौशल चौपाल महज़ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक यूथ मोटिवेशन मूवमेंट होगा, जहां असली नायक होंगे वो युवा जो कभी बेरोजगार थे और आज खुद दूसरों को रोज़गार दे रहे हैं। किसी ने ट्रेनिंग के बाद मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर शुरू किया, तो किसी ने ब्यूटी पार्लर या डिजिटल स्टूडियो। किसी ने होटल में नौकरी पाई, तो किसी ने खुद की कैफे चेन शुरू कर दी।
World Youth Skills Day: कौशल यूथ आइकॉन के रूप में भी किया जाएगा सम्मानित
कार्यक्रम में पिछले तीन वर्षों में मिशन से प्रशिक्षित एवं सेवायोजित हजारों युवाओं में से चयनित 11 उत्कृष्ट युवक/युवतियों को मंच प्रदान किया जाएगा, जो चौपाल में बतौर युवा वक्ता अपने अनुभव साझा करेंगे। यह मंच न केवल उनके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा बल्कि कौशल आधारित सफलता की सामाजिक स्वीकृति को भी बल देगा। इन सभी प्रतिभाशाली सेवायोजित युवाओं को "कौशल युथ आइकॉन" के रूप में विशेष रूप से सम्मानित भी किया जाएगा। यह सम्मान प्रदेश के लाखों युवाओं को यह संदेश देगा कि कौशल प्राप्त कर आत्मनिर्भर बना जा सकता है। यह आयोजन न केवल इन युवाओं के आत्मविश्वास और पहचान को मजबूती देगा, बल्कि कौशल आधारित सफलता की सामाजिक स्वीकार्यता को भी एक नई ऊंचाई प्रदान करेगा।
