Who protects the President Of India: भारत के राष्ट्रपति देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों में से एक हैं। ऐसे महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति की सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद मजबूत और कई स्तरों वाली होती है। इनकी सुरक्षा में करीब 170 से 220 जवान और अधिकारी शामिल होते हैं। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि भारत के राष्ट्रपति की सुरक्षा कौन करता है। अगर आपका भी जवाब एनएसजी या एसपीजी है तो गलत है। यहां आप जान सकते हैं कि देश के प्रेसिडेंट की सिक्योरिटी किसके हाथ में होती है? या राष्ट्रपति की सुरक्षा में कितने जवान होते हैं?
Who protects the President Of India: राष्ट्रपति की सुरक्षा कौन करता है
Which Force Protect President Of India: राष्ट्रपति की सुरक्षा कौन करता ह
बता दें राष्ट्रपति की सुरक्षा पीबीजी यानी प्रेसिडेंट बॉडीगार्ड के हाथों में होती है। यह भारतीय सेना की सर्वोच्च यूनिट होती है। यहां भारतीय सेना से जाट, सिख और राजपूत सैनिकों को प्राथमिकता दी जाती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रेसिडेंट बॉडीगार्ड में 4 ऑफिसर, 11 जूनियर कमीशंड ऑफिसर और 161 जवान शामिल होते हैं। खास बात यह है कि पीबीजी में केवल उन्हीं सैनिकों का सेलेक्शन होता है जिनकी लंबाई 6 फीट या इससे ज्यादा होती है।
Who Protect President Of India: ये जवान भी राष्ट्रपति की सुरक्षा में शामिल
इसके अलावा राष्ट्रपति भवन और राष्ट्रपति की आवाजाही की सुरक्षा में दिल्ली पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। सुरक्षा व्यवस्था कार्यक्रम, स्थान, यात्रा और खतरे के स्तर के अनुसार तैयार की जाती है। अलग-अलग एजेंसियां आपसी समन्वय से सुरक्षा घेरे को मजबूत बनाती हैं।
आपात स्थिति से निपटने के लिए
भारत के प्रेसिडेंट की सुरक्षा में केवल हथियारबंद जवानों का घेरा ही नहीं होता। इसमें कार्यक्रम स्थल की जांच, रास्तों की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, संचार व्यवस्था, खुफिया जानकारी और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी भी शामिल रहती है। राष्ट्रपति जहां भी जाते हैं, वहां स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पहले से विस्तृत सुरक्षा योजना तैयार करती हैं।
एनएसजी और एसपीजी का गठन इसलिए
वहीं एनएसजी और एसपीजी की बात करें तो स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानी एसपीजी का गठन विशेष रूप से प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्रियों तथा उनके निकटतम परिवार के पात्र सदस्यों की सुरक्षा के लिए किया गया है। वहीं एनएसजी कमांडो का गठन वीआईपी लोगों की सुरक्षा व आतंकी संगठनों से निपटने के लिए किया गया है।
