लालटेन के युग से डिजिटल क्रांति तक, जानें कब और किस शहर में हुई बिजली की शुरुआत

आज बिना बिजली (electricity) के रहना तो दूर इसकी कल्पना करना भी मुश्किल है, ऐसे में आपने कभी सोचा की भारत में कब और किस शहर से बिजली की शुरुआत हुई थी। आइए जानते हैं -

आज के आधुनिक युग में बिजली के बिना मानव जीवन की कल्पना करना भी मुश्किल सा लगता है। सुबह पानी मोटर चलाने से लेकर रात में एसी और फ्रिज के इस्तेमाल तक, हमारी दिनचर्या का हर हिस्सा बिजली पर पूरी तरह से निर्भर है। लेकिन एक दौर वह भी था जब सूरज ढलते ही चारों ओर सिर्फ घना अंधेरा छा जाता था और लोग रोशनी के लिए केवल दीये या लालटेन पर निर्भर थे। भारत को इस अंधेरे से बाहर निकालकर रोशनी में लाने के सफर के बारे में यानी देश में बिजली (Electricity in India) कहां से आई और किस शहर में आई के बारे में जानते हैं। इसकी कहानी बेहद दिलचस्प है।

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लालटेन के युग से डिजिटल क्रांति तक (Photo - AI)

जब रात होते ही पसर जाता था सन्नाटा

19वीं शताब्दी के अंत तक भारत में अधिकांश लोगों ने बिजली के बारे में सुना तक नहीं था। देश का एक बहुत बड़ा हिस्सा शाम ढलने के बाद पूरी तरह से अंधकार के आगोश में समा जाता था। लोग रात के समय जरूरी काम निपटाने या देखने के लिए मिट्टी के तेल से जलने वाले दीयों, मशालों और पारंपरिक लालटेन के उजाले पर ही पूरी तरह आश्रित थे।

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