Difference Between LPG And PNG Gas: भारत में खाना पकाने के लिए दो मुख्य ईंधन एलपीजी और (Difference Between LPG And PNG) पीएनजी हैं। यहां ज्यादातर घरों में खाना पकाने के लिए एलपीजी गैस का इस्तेमाल किया ( Difference Between LPG And PNG Gas) जाता है। वहीं पीएनजी पाइपलाइनों के माध्यम से शहरी घरों तक पहुंचती है। इसकी सप्लाई लगातार बनी रहती है। हालांकि अक्सर लोग दोनों गैस को लेकर कंफ्यूजन की स्थिति में रहते हैं। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि एलपीजी और पीएनजी में क्या अंतर होता है। अगर आप भी नहीं जानते हैं कि LPG और PNG में क्या अंतर होता है तो यहां जान लीजिए। अपने आपको जनरल नॉलेज का विशेषज्ञ बताने वाले भी इन दोनों के बीच अंतर नहीं बता पाए हैं।
Difference Between LPG And PNG Gas: एलपीजी और पीएनजी गैस में क्या अंतर होता है
Difference Between LPG And PNG: एलपीजी और पीएनजी में क्या अंतर होता है
बता दें LPG का पूरी नाम लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (Liquified Petroleum Gas) होता है। अधिकत घरों में खाना पकाने के लिए इस गैस का इस्तेमाल किया जाता है। यह कच्चे तेल की रिफाइनिंग और प्राकृतिक गैस की प्रोसेसिंग के दौरान बनती है। एलपीजी में मुख्य रूप से प्रोपेन और ब्यूटेन गैस होती है।
What Is PNG Gas: क्या होती है पीएनजी गैस
वहीं PNG का फुलफॉर्म पाइप्ड नेचुरल गैस (Piped Natural Gas) होती है। इस सिस्टम में नेचुरल गैस सीधे पाइप की मदद से घरों के रसोईंघर, रेस्टोरेंट और कमर्शियल जगहों पर पहुंचाई जाती है। उपभोक्ता अपने घर में लगे गैस मीटर के जरिए इसकी खपत के हिसाब से पेमेंट करता है। इसमें मुख्य रूप से मीथेन गैस होती है। पीएनजी के लिए सिलेंडर की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि यह लगातार पाइप के माध्यम से सप्लाई होती रहती है।
LPG VS PNG Which Is Better: कौन सी गैस ज्यादा बेस्ट
वहीं अगर सुविधा की बात करें तो पीएनजी ज्यादा आसान मानी जाती है। एलपीजी में सिलेंडर खत्म होने पर नया सिलेंडर बुक करना पड़ता है और कभी कभी इंतजार भी करना पड़ता है। लेकिन पीएनजी में ऐसी समस्या नहीं होती, क्योंकि गैस सीधे पाइपलाइन से मिलती रहती है। इसलिए यह ज्यादा सुविधाजनक मानी जाती है।
LPG VS PNG Which Is Safe: किस गैस में ज्यादा सुरक्षा
इसके अलावा सुरक्षा के मामले में भी पीएनजी को ज्यादा अच्छा माना जाता है। एलपीजी हवा से भारी होती है। अगर कहीं रिसाव हो जाए तो यह नीचे की ओर जमा हो सकती है, जिससे आग लगने या विस्फोट का खतरा बढ़ जाता है। जबकि पाइप्ड नेचुरल गैस हवा से हल्की होती है इसलिए रिसाव होने पर यह ऊपर की ओर फैल जाती है और खतरा कुछ हद तक कम हो जाता है।
