Part Time Job Rule for Student on US Study Visa: संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) में पढ़ाई करने का सपना देखने वाले भारतीय और अन्य विदेशी छात्रों के मन में पार्ट-टाइम जॉब को लेकर अक्सर ढेरों सवाल होते हैं। यह कहना गलत नहीं होगा की एजुकेशन के साथ अमेरिका का वर्क कल्चर और पार्ट-टाइम जॉब के अवसर काफी आकर्षक होते हैं। छात्र अपनी ट्यूशन फीस या दैनिक खर्चों में मदद के लिए पार्ट-टाइम काम करना चाहते हैं। हालांकि, अमेरिका का इमिग्रेशन कानून रोजगार को लेकर बेहद सख्त है। अनजाने में की गई एक छोटी सी गलती या नियम का उल्लंघन आपके छात्र वीजा को रद्द करा सकता है और आपको देश छोड़ने पर मजबूर कर सकता है। इसलिए काम शुरू करने से पहले अमेरिकी नागरिकता और आप्रवासन सेवा (USCIS) तथा वीजा के तहत वर्क परमिट के नियमों को विस्तार से समझना जरूरी है। अगर आप भी अमेरिका में पढ़ाई के साथ पार्ट-टाइम जॉब करना चाहते हैं तो आपके लिए यह जानना जरूरी है।
USA के स्टडी वीजा में पार्ट टाइम जॉब को लेकर क्या है नियम (Photo - AI)
अमेरिका में पढ़ाई के लिए कौन-सा वीजा मिलता है?
सबसे पहले आपके लिए यह जानना जरूरी है कि अमेरिका में पढ़ाई के लिए छात्रों को कौन-सा वीजा दिया जाता है। बता दें कि यहां फुल टाइम एजुकेशन के लिए F-1 वीजा दिया जाता है, जो सबसे अधिक प्रचलित है। लेकिन इसके अलावा M-1 और J-1 वीजा होता है। क्रमशः यह वोकेशनल और गैर-शिक्षण ट्रेनिंग कार्यक्रम और रिसर्च इंटर्नशिप और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के लिए दिया जाता है। इससे यह पता लगता है कि स्टडी वीजा यहां F-1 ही है।
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ऑन-कैंपस वर्क के नियम
F-1 वीजा धारक अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए ऑन-कैंपस यानी विश्वविद्यालय परिसर में काम करना सबसे आसान और सुरक्षित विकल्प है, क्योंकि इसके लिए उन्हें अलग से वर्क परमिट लेने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन इसके लिए भी कई शर्तें है, जिसका पालन करना छात्रों के लिए जरूरी है। ऑन-कैंपस वर्क के लिए छात्रों के पास विश्वविद्यालय के डेजिग्नेटेड स्कूल ऑफिशियल (DSO) की अनुमति होनी चाहिए।
पढ़ाई के दौरान छात्र प्रति सप्ताह अधिकतम 20 घंटे ही काम कर सकते हैं। छुट्टियों और समर वेकेशन के दौरान छात्र फुल-टाइम यानी 40 घंटे प्रति सप्ताह काम करने के पात्र होते हैं। इसमें यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी, डाइनिंग हॉल, एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिस, कैंपस बुकस्टोर या रिसर्च असिस्टेंट के रूप में किया जाने वाला कामों को शामिल है।
सोशल सिक्योरिटी नंबर और टैक्स को लेकर क्या है नियम
अमेरिका में ऑन-कैंपस या अधिकृत CPT/OPT जॉब मिलने के बाद छात्रों को सोशल सिक्योरिटी नंबर (SSN) के लिए आवेदन करना अनिवार्य है। बता दें कि SSN मिलने का मतलब केवल टैक्स रिपोर्टिंग के लिए एक पहचान पत्र के तौर पर काम करता है। इसे वर्क परमिट मानने की गलती न करें, क्योंकि यह किसी भी तरह का वर्क परमिट नहीं है। बता दें कि अंतरराष्ट्रीय छात्रों को मिलने वाली सैलरी से यूएस टैक्स नियमों के तहत टैक्स फाइल करना होता है। यह उसके लिए काम आता है।
ऑफ-कैंपस वर्क के कड़े नियम
अमेरिका के किसी भी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले F-1 वीजा धारक छात्र को प्रथम वर्ष के दौरान ऑफ-कैंपस काम करने की बिल्कुल अनुमति नहीं होती है। ऑफ-कैंपस में बिना आधिकारिक मंजूरी के काम करना पूरी तरह गैर-कानूनी माना जाता है। हालांकि, प्रथम वर्ष के बाद अंतरराष्ट्रीय छात्र केवल दो मुख्य ट्रेनिंग कार्यक्रमों के तहत ही ऑफ-कैंपस काम कर सकते हैं, जिसमें करिकुलर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और आपके डिग्री कोर्स या इंटर्नशिप से जुड़े कार्य कर सकते हैं। इसमें CPT केवल आपके मुख्य अध्ययन विषय से संबंधित होना चाहिए और इसके लिए DSO द्वारा आपके Form I-20 पर पूर्व-स्वीकृति आवश्यक है।
दूसरा है ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग। यह भी छात्र के मुख्य अध्ययन क्षेत्र से संबंधित काम के लिए होता है। Pre-Completion OPT के तहत छात्र अपनी पढ़ाई के दौरान भी पार्ट-टाइम (20 घंटे/सप्ताह) ऑफ-कैंपस इंटर्नशिप कर सकते हैं, जिसके लिए USCIS से EAD कार्ड प्राप्त करना होता है।
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भूलकर भी न करें ये गलतियां
- रेस्टोरेंट, गैस स्टेशन, उबर (Uber), या डिलीवरी ऐप्स पर पार्ट-टाइम काम करना F-1 वीजा नियमों का सीधा उल्लंघन है।
- सेमेस्टर के दौरान किसी भी स्थिति में 20 घंटे प्रति सप्ताह से अधिक काम न करें।
- CPT या OPT का आधिकारिक दस्तावेज प्राप्त होने से पहले काम की शुरुआत करना अवैध माना जाता है।
- नगद भुगतान वाली अनधिकृत नौकरियां भी कानून की नजर में अवैध हैं और पकड़े जाने पर वीजा रद्द हो सकता है।
अमेरिका में पढ़ाई का सपना देखने वाले हर भारतीय और अन्य विदेशी छात्र को यहां के नियमों के बारे में जानना जरूरी है। क्योंकि पढ़ाई के दौरान एक छोटी की गलती के कारण आपको बीच में ही वापस घर भेजा जा सकता है। ऐसे में पढ़ाई का पैरा और आपकी मेहनत दोनों बर्बाद हो जाएगी।
