One Nation One Subscription in Hindi: वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन स्कीम क्या है? कैसे होगा इससे हायर स्टडी करने वाले छात्रों का भला? चलिए आज इसके बारे में जानते हैं, सरकार ने रिसर्च और इनोवेशन सेक्टर को गति देने के लिए इस स्कीम को शुरू किया। इसके चलते छात्रों को दुनियाभर के शोध पत्रों और जर्नल की तलाश के लिए परेशान नहीं होना होगा। (One Nation One Subscription UPSC) इस स्कीम पर अगले 3 सालों में छह हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। जानें इसके बारे में
एक राष्ट्र एक सदस्यता योजना
वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन स्कीम क्या है?, One Nation One Subscription Scheme Kya Hai
ये केंद्र सरकार की एक योजना है, जिसे वन नेशन, वन सब्सक्रिप्शन के अलावा 'एक राष्ट्र, एक सदस्यता' भी कह सकते हैं। इसके जरिये करीब 1.8 करोड़ छात्र 1 जनवरी से दुनिया भर की शीर्ष पत्रिकाओं में प्रकाशित होने वाले 'रिसर्च पेपर्स' तक पहुंच बना सकेंगे। ये स्कीम सरकार द्वारा वित्तपोषित होगी, विश्वविद्यालयों और आईआईटी समेत देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्रों को यह लाभ नए साल से मिलेगा।
One Nation One Subscription in Hindi
केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार ए. के. सूद ने 10 दिसंबर को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बताया था कि 'एक राष्ट्र, एक सदस्यता' योजना के पहले चरण के तहत विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, चिकित्सा, गणित, प्रबंधन, सामाजिक विज्ञान और मानविकी पर 13,400 से अधिक अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाएं शोधकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी।
13,400 शोध पत्रिकाओं तक पहुंच होगी आसान
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग सचिव अभय कराडीकर ने कहा, 'इससे पहले, आईआईटी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) या केंद्रीय विश्वविद्यालय जैसे संस्थान विशिष्ट विषयों से संबंधित पत्रिकाओं के एक छोटे समूह की सदस्यता (सब्सक्रिप्शन) लेते थे, लेकिन ‘एक राष्ट्र, एक सदस्यता’ (ओएनओएस) के तहत, सभी संस्थानों को 13,400 शोध पत्रिकाओं तक पहुंच प्राप्त होगी।' उन्होंने कहा कि One Nation One Subscription (ONOS) के तहत छात्रों को अगले तीन वर्षों तक शीर्ष पत्रिकाओं तक पहुंच उपलब्ध रहेगी।
क्या होगा दूसरे और तीसरे चरण में
One Nation One Subscription (ONOS) के दूसरे चरण के तहत सरकार सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के माध्यम से इस पहल को निजी शैक्षणिक संस्थानों तक विस्तारित करने की योजना बना रही है। तीसरे चरण में सार्वजनिक पुस्तकालयों में निर्दिष्ट पहुंच बिंदुओं के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं तक सार्वभौमिक पहुंच प्रदान की जाएगी। ये पहल अभी तीन वर्ष की अवधि के लिए है। स्कीम शुरू होने के बाद आपको One Nation One Subscription Official Website पर जाने की जरूरत होगी।
