COBSE क्या है? CBSE से लेकर BSEB और UPMSP तक क्यों आते हैं शिक्षा बोर्ड इसके अंतर्गत

What is COBSE: भारत में 60 से अधिक शिक्षा बोर्ड हैं, जिनके द्वारा हर साल 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा का आयोजन किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन्हें आपस में कौन जोड़ता है, बिहार बोर्ड का सर्टिफिकेट यूपी में मान्य होगा या नहीं यह कौन तय करता है। तो आइए आपको बताएं COBSE के बारे में, जिसमें देश के सभी शिक्षा बोर्ड आते हैं।

What is COBSE: जब भी अपनी और किसी और की कक्षा 10वीं या 12वीं मार्कशीट देखी होगी तो आपने उस पर CBSE, ICSE, UPMSP या BSEB जैसे किसी न किसी बोर्ड का नाम भी लिखा देखा होगा। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि देश भर में फैले इन तमाम स्कूली शिक्षा बोर्डों को आपस में एक दूसरे से या एक साथ कौन जोड़ता है? कौन यह तय करता है कि बिहार बोर्ड (BSEB) की 12वीं की डिग्री, उत्तर प्रदेश (UPMSP) या दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में मान्य होगी या नहीं? यहां अहम भूमिका निभाता है COBSE। सीओबीएसई देश भर के मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्डों का एक ऐसा साझा मंच है, जो स्कूली शिक्षा में एकरूपता और गुणवत्ता बनाए रखने का काम करता है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं कि यह आखिर काम कैसे करता है और इसकी क्या भूमिका है।

COBSE क्या है

COBSE क्या है

COBSE का पूरा नाम और इसका असली मतलब क्या है?

सीबीएसई, बीएसईबी, एचपीबीओएसई जैसे विभिन्न शिक्षा बोर्ड के नाम तो आपने बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट के टाइम पर सुने ही होंगे। लेकिन COBSE का नाम कभी नहीं सुना होगा। इसलिए इक महत्वपूर्ण बोर्ड के बारे मं कम ही लोग जानते हैं। बता दें कि COBSE की फुल फॉर्म है— Council of Boards of School Education in India। यह भारत के सभी स्कूली शिक्षा बोर्डों की एक 'केंद्रीय संस्था' या 'एसोसिएशन' है। COBSE देश के तमाम नेशनल और स्टेट बोर्ड्स को एक मंच पर लाने वाला संगठन है। इसका काम कोई भी परीक्षा आयोजित करना नहीं है। यही कारण है कि आप COBSE से सीधे 10वीं या 12वीं की परीक्षा नहीं देते। बल्कि इसका काम यह देखना है कि देश का कोई भी बोर्ड अपनी पढ़ाई और परीक्षा का स्तर बेहतर रखे और छात्रों को सही मान्यता मिले।

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