West Bengal Makes ‘Vande Mataram’ Mandatory In School Assemblies: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि अब सभी स्कूलों की मॉर्निंग असेंबली में ‘वंदे मातरम्’ का गायन अनिवार्य होगा। सरकार ने इस निर्देश को तत्काल प्रभाव से लागू करने के आदेश दिए हैं। पश्चिम बंगाल सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य छात्रों में देशभक्ति और राष्ट्रीय मूल्यों की भावना को मजबूत करना है। राज्य सरकार ने इसे भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से जोड़ते हुए महत्वपूर्ण कदम बताया है।
पश्चिम बंगाल के स्कूलों में वंदे मातरम अनिवार्य
बता दें कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान वंदे मातरम गाना अनिवार्य कर दिया है। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी शिक्षण संस्थानों को नोटिस जारी किया है। पश्चिम बंगाल के स्कूलों में 'वंदे मातरम' अनिवार्य, सुबह की प्रार्थना सभा में गाना होगा राष्ट्रीय गीत‘वंदे मातरम्’ भारत का राष्ट्रीय गीत है, जिसे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने दिए निर्देश
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा, 18 मई (सोमवार) से सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में 'वंदे मातरम्' अनिवार्य होगा। प्राइवेट स्कूलों से भी सरकार 'वंदे मातरम्' लागू करने की अपील करती है। आज मैं इस संबंध में नोटिस जारी करूंगा।
आजादी के संघर्ष का प्रतीक
यह गीत भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान आजादी के संघर्ष का प्रतीक बन गया था। संविधान सभा ने 24 जनवरी 1950 को इसे राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्कूलों के प्रधानाचार्यों और प्रशासनिक अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि हर छात्र मॉर्निंग असेंबली में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन में हिस्सा ले। कई स्कूलों को इसके पालन की वीडियो रिकॉर्डिंग रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, कुछ समय पहले ही में केंद्र सरकार की ओर से भी ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। गृह मंत्रालय ने सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के गायन और प्रस्तुति के लिए विस्तृत प्रोटोकॉल जारी किया था। इसके बाद कई राज्यों में इसे लेकर नई पहल शुरू हुई हैं। राज्य सरकार ने साफ किया है कि स्कूलों में इस आदेश का पालन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। हालांकि इस फैसले को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो सकती है। पश्चिम बंगाल में पहले भी राष्ट्रगीत और राष्ट्रवाद से जुड़े मुद्दों पर सियासी विवाद देखने को मिलते रहे हैं।
