UPTET 2026: यूपीटीईटी परीक्षा में पहली बार लागू होगा नॉर्मलाइजेशन का नियम, जानें क्या होगा छात्रों पर इसका असर

UPTET 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा पहली बार यूपी टीईटी परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन का नियम लागू किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में छात्रों के नंबर घट भी सकते हैं और बढ़ भी। जानें क्या है नॉर्मलाइजेशन का नियम।

UPTET 2026: उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने की राह देख रहे लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी खबर है। राज्य में करीब चार साल के लंबे इंतजार के बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) का आयोजन होने जा रहा है। UPESSC द्वारा जारी किए गए परीक्षा शेड्यूल के अनुसार, यूपीटीईटी परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों को बता दें कि इस बार परीक्षा के नियमों में एक बहुत बड़ा बदलाव किया गया है। उम्मीदवारों की भारी संख्या को देखते हुए इस बार नॉर्मलाइजेशन की व्यवस्था लागू की जाएगी। अब सवाल यह उठता है कि 'नॉर्मलाइजेशन' क्या है और इसे क्यों लागू करने का फैसला लिया गया है।

UPTET 2026

UPTET 2026 (Photo - AI)

क्यों लिया गया नॉर्मलाइजेशन का फैसला?

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के इतिहास में यह पहली बार है जब नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया को अपनाया जा रहा है। बता दें कि यह फैसला पहले UPESSC द्वारा लिया गया है। पहले इस परीक्षा का जिम्मा उत्तर प्रदेश बेसिक एजुकेशन बोर्ड (UPBEB) के पास था, लेकिन अब इसका संचालन नए गठित यूपी एजुकेशन सर्विस सिलेक्शन कमीशन (UPESSC) द्वारा किया जा रहा है, जिसके फैसले पर इस प्रक्रिया का लागू किया जा रहा है।

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