UPSC CSE 2023 Topper Kuhoo Garg Story: कहते हैं इरादे नेक हो और सच्ची लगन से मेहनत की जाए तो सफलता जरूर हासिल होती है। ऐसी ही कहानी है उत्तराखंड से आने वाली UPSC Topper कुहू गर्ग की। कुहू गर्ग को मल्टी टैलेंटेड कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा। भारत की स्टार बैंडमिंटन खिलाड़ी कुहू गर्ग ने यूपीएससी की परीक्षा में शानदार रैंक हासिल करके इतिहास रच दिया है। कुहू उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी अशोक कुमार की बेटी हैं।
UPSC क्रैक करने वाली बैडमिंटन स्टार कुहू गर्ग
यूपीएससी सिविल सर्विस 2023 का रिजल्ट 16 अप्रैल 2024 को जारी किया गया। इस परीक्षा में कुल 1016 कैंडिडेट्स ने सफलता हासिल की है। यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा क्रैक करने वाले सभी कैंडिडेट्स की कहानी युवाओं को प्रेरित करने वाली होती है। ऐसी ही कहानी है UPSC Crack करने वाली कुहू गर्ग की। आइए उनके सफलता के पीछे के संघर्ष पर एक नजर डालते हैं।
UPSC CSE 2023 में शानदार रैंक
उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी अशोक कुमार की बेटी कुहू गर्ग ने UPSC एग्जाम में 178वीं रैंक हासिल की है। खेल के क्षेत्र में इंटरनेशनल शटलर कुहू गर्ग ने खेल के साथ-साथ सिविल सेवा परीक्षा में भी कीर्तिमान रचा है। उनकी रैंक को देखते हुए उन्हें आईपीएस कैडर में स्थान मिल सकता है।
कुहू एक बेहतरीन बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। उन्होंने कई नेशनल और इंटरनेशनल खिताब अपने नाम किया है। 25 वर्षीय कुहू ने इंटरनेशनल लेवल पर भारत का प्रतिनिधित्व भी किया है। उन्होंने 9 वर्ष की काफी छोटी उम्र से ही बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया था।
जीते कई नेशनल और इंटरनेशनल मेडल्स
कुहू गर्ग की झोली में अबतक 56 नेशनल और 19 इंटरनेशनल पदक आए हैं। 13 साल की उम्र से ही कुहू ने राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना शुरू कर दिया था। बता दें कि कुहू वुमेंस डबल्स और मिक्स्ड डबल्स में खेल चुकी हैं। मिक्स्ड डबल्स में उनका 34 वर्ल्ड रैंक रह चुका है। वहीं, साल 2018 में कुहू वर्ल्ड चैंपियनशिप का क्वार्टर फाइनल भी खेल चुकी हैं।
इंजरी ने रोका इंटरनेशनल सफर
2 साल पहले कुहू गर्ग के घुटने में आई इंजरी के बाद हुई सर्जरी के कारण डॉक्टर ने उन्हें रेस्ट करने की सलाह दी थी। कुहू बताती हैं की उनके सर्जरी ने ओलंपिक और कॉमनवेल्थ जैसे बड़े इवेंट में शामिल होने से रोक दिया था। अपने पिता के सलाह पर उन्होंने सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की।
बिना कोचिंग के UPSC पास
कुहू गर्ग बताती हैं कि यूपीएससी सिविल सर्विस की परीक्षा उन्होंने बिना किसी कोचिंग के क्रैक की है। उन्होंने स्कूलिंग खत्म होने के 6-7 साल के ब्रेक के बाद पढ़ाई शुरू की। इस परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने अपने पिता को प्रेरणा माना। उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी अशोक कुमार भी आईपीएस रह चुके हैं।
यूपीएससी की तैयारी करने वालों को टिप्स देते हुए कुहू कहती हैं कि खुद पर भरोसा रखना बहुत जरूरी है। उन्होंने बतौर एक एथलीट कभी ये नहीं सोचा था कि यूपीएससी उनके जीवन का एक विकल्प होगा, लेकिन सच्ची मेहनत ने उन्हें कामयाबी हासिल दिलाई है।
