पेपर लीक मामले पर एक्शन में सीएम योगी! आरोपियों के खिलाफ होगी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई

UP Police Constable Paper Leak Case: यूपी पुलिस कांस्टेबल पेपर लीक मामले में आरोपियों के खिलाफ मेरठ पुलिस गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करेगी। इनकी संपत्तियों को चिन्हित कर जब्त करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए कठोर नियम बनाए गए हैं।

UP Police Constable Paper Leak Case: लोकसभा चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन में हैं। एक तरफ गरीबों के लिए कल्याणकारी योजनाओं का संचालन व युवाओं को नौकरी के लिए सभी मंत्रालयों व विभागों को जल्द से जल्द रिक्त पदों पर भर्ती के निर्देश दिए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर माफियों के घर बुलडोजर चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में यूपी पुलिस कांस्टेबल की लिखित परीक्षा पेपर लीक मामले में जांच करते हुए स्पेशल टास्क फोर्स यानी एसटीएफ मेरठ यूनिट ने महज 90 दिनों के भीतर कोर्ट में 6 राज्यों के 18 आरोपियों के खिलाफ चार्ज शीट दाखिल कर दी है। अब इन आरोपियों के खिलाफ मेरठ पुलिस गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करेगी। इनकी संपत्तियों को चिन्हित कर जल्द से जल्द जब्त करने का निर्देश दिया गया है।

UP Police Constable Paper Leak Case

UP Police Constable Paper Leak Case: पेपर लीक आरोपियों के खिलाफ होगी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई

गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई

बता दें जिन 18 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, उसमें कुछ हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश और बिहार के रहने वाले हैं। यूपी के पेपर लीक माफियाओं की बात की जाए तो इसमें प्रयागराज के राजीव नय मिश्रा, अभिषेक शुक्ला, मिर्जापुर के शिवम गिरि, भदोही के रोहित पांडेय और नोएडा के रवि अत्री शामिल हैं। इन माफियों के खिलाफ राज्य सरकार गैंगस्टर एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई करने जा रही है।

6 आरोपियों को किया गया था गिरफ्तार

यूपी पुलिस कांस्टेबल के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन 23 दिसंबर को जारी हुआ था। यहां आवेदन की आखिरी तारीख 16 जनवरी 2024 थी। वहीं ऑनलाइन फीस जमा करने की लास्ट डेट 18 जनवरी थी। आवेदन के एक माह के भीतर 17 व 18 फरवरी को 60,244 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित कि गई थी। हालांकि पेपर लीक होने के चलते उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं पदोन्नति बोर्ड ने एग्जाम रद्द कर दिया था और 6 माह के भीतर दोबारा परीक्षा आयोजित करने करने का आश्वासन दिया था। इस दौरान एसटीएफ की मेरठ यूनिट ने 6 आरोपियों दीपक उर्फ दीप, बिट्टू, प्रवीण, रोहित उर्फ ललित, साहिल और नवीन को पेपर लीक के आरोप में गिरफ्तार किया था। इन आरोपियों के खिलाफ 6 मार्च को थाना कंकरखेड़ा में मुकदमा दर्ज किया गया था।

परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकने के लिए कठोर नियम

बता दें राज्य सरकार कड़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करने के लिए एक के बाद एक कदम उठा रही है। अब प्रतियोगी परीक्षाओं को आयोजित करने के लिए केंद्रों का आवंटन रैंडम आधार पर किया जाएगा। साथ ही कक्ष निरीक्षकों को परीक्षा केंद्र का आवंटन प्रवेश से 30 मिनट पहले स्टैटिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में की जाएगी। साथ ही राज्य सरकार की ओर से परीक्षा आयोजित करने वाले आयोग को निर्देश दिया गया है कि सभी परीक्षा केंद्रों पर 50 प्रतिशत कक्ष निरीक्षक बाहर के होने चाहिए।

कब होगी यूपी पुलिस कांस्टेबल की परीक्षा

यूपी पुलिस कांस्टेबल के पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवार लगातार सर्च कर रहे हैं कि दोबारा परीक्षा कब आयोजित की जाएगी। बता दें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपीपीबीपीबी को 6 माह के भीतर परीक्षा आयोजित करने का निर्देश दिया था। ऐसे में कयास लगाया जा रहा है कि जुलाई के अंत तक या फिर अगस्त के पहले सप्ताह तक परीक्षा दोबारा आयोजित की जा सकती है। हालांकि इस संबंध में अभी बोर्ड ने किसी प्रकार का कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है। इससे संबंधित अधिसूचना जारी होते ही आपको यहां सबसे पहले सूचित कर दिया जाएगा।

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