उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक संदेशों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और पेपर लीक का दावा करने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। बोर्ड ने उम्मीदवारों से कहा है कि वे अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय पूरी लगन और मनोयोग से अपनी परीक्षा की तैयारी करें।
यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा से पहले एक्टिव हुआ 'सॉल्वर गैंग'
निगरानी के दौरान 6 जून 2026 को टेलीग्राम पर "Upp exam paper" नामक चैनल पर एक संदेश वायरल होता पाया गया। इस संदेश में कथित रूप से भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। बोर्ड का कहना है कि कुछ लोग कंप्यूटर नेटवर्क का दुरुपयोग कर अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने और धोखाधड़ी के जरिए आर्थिक लाभ प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं।
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बोर्ड के अनुसार, आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा का आयोजन 8 जून, 9 जून और 10 जून 2026 को किया जाना है। परीक्षा से पहले सोशल मीडिया सेल द्वारा व्हाट्सएप, एक्स (पूर्व में ट्विटर), फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स की निगरानी की जा रही थी।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से थाना हुसैनगंज, कमिश्नरेट लखनऊ में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस संबंध में मु0अ0सं0 78/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 221 और 292, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अध्यादेश-2024 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
परीक्षा नियंत्रक ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के भ्रामक संदेश, पेपर लीक के दावे या ऐसे व्यक्तियों के झांसे में न आएं। बोर्ड ने कहा है कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की जाएगी तथा इस तरह के आपराधिक कृत्य करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
