UP Panchayat Secretary Recruitment 2026: उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में योगी सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश सरकार ने करीब 13 हजार पंचायत सचिवों की भर्ती करने की योजना तैयार की है। वर्तमान स्थिति की बात करें तो उत्तर प्रदेश में करीब 58 हजार ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से लगभग 42 हजार ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिवों के पद रिक्त बताए जा रहे हैं।
यूपी में होगी पंचायत सचिव की भर्ती!
भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत में सचिव की उपलब्धता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्यों की गति बढ़ने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुंच सकेगा।
यही वजह है कि वर्तमान में कई पंचायत सचिवों और ग्राम विकास अधिकारियों के पास एक से अधिक ग्राम पंचायतों का अतिरिक्त प्रभार है। इससे ग्रामीण स्तर पर प्रशासनिक कार्य प्रभावित होते हैं और लोगों को समय पर सेवाएं नहीं मिल पातीं। मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश में कुल 13,116 पंचायत सचिवों के पदों पर भर्ती की जाएगी। पंचायतीराज विभाग इस भर्ती को तीन चरणों में पूरा करेगा। पहले चरण में लगभग 4,372 पंचायत सचिवों की नियुक्ति की जाएगी। इसके बाद दो अन्य चरणों में भी लगभग समान संख्या में पदों को भरा जाएगा।
भर्ती पूरी होने के बाद ग्राम पंचायतों के कामकाज में सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि पंचायतीराज विभाग, ग्राम्य विकास विभाग और अन्य संबंधित विभागों की सहमति के बाद इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया गया है। सरकार का मानना है कि पंचायत सचिवों की संख्या बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की निगरानी बेहतर होगी। साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंच सकेगा। ग्रामीणों की शिकायतों का निस्तारण पंचायत स्तर पर ही हो सकेगा और विकास से जुड़े कई कार्यों में तेजी आएगी।
सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक पंचायत सचिव की तैनाती हो, जिससे ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए जिला मुख्यालय या ब्लॉक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रदेश सरकार की योजना के अनुसार पंचायत सचिव ग्रामीणों और पंचायत के बीच महत्वपूर्ण कड़ी की भूमिका निभाएंगे। वे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, अभिलेखों के रखरखाव, शिकायतों के निस्तारण और पंचायत प्रशासन को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करेंगे।
