UGC Guideline for Scholarship and Fellowship: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने छात्रों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब UGC की ओर से दी जाने वाली सभी स्कॉलरशिप और फेलोशिप का भुगतान केवल आधार से जुड़े बैंक खातों में ही किया जाएगा। इसके लिए आयोग ने आधार आधारित भुगतान प्रणाली (Aadhaar-Based Payment System) लागू कर दी है। UGC ने स्पष्ट किया है कि सभी छात्र और लाभार्थी अपने बैंक खाते को आधार से लिंक (Aadhaar Seeding) कर लें। यदि कोई छात्र निर्धारित समय सीमा तक आधार को बैंक खाते से लिंक नहीं करता है, तो उसकी स्कॉलरशिप या फेलोशिप की राशि जारी नहीं की जाएगी। UGC का कहना है कि इस कदम से भुगतान प्रक्रिया तेज होगी, फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी और सही छात्रों तक समय पर पैसा पहुंचेगा।
बिना आधार लिंक नहीं मिलेगी स्कॉलरशिप और फेलोशिप
छात्रों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपने आधार को बैंक खाते से लिंक कर लें और संबंधित पोर्टल पर जानकारी अपडेट कर दें, ताकि उनकी स्कॉलरशिप या फेलोशिप में किसी प्रकार की रुकावट न आए। यूजीसी ने स्पष्ट किया है कि सभी छात्र और लाभार्थी अपने बैंक खाते को आधार से लिंक (Aadhaar Seeding) कर लें। इसके लिए अंतिम तिथि 15 अप्रैल 2026 तय की गई है। इसके बाद सभी भुगतान सीधे लाभार्थियों के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में भेजे जाएंगे। इसके अलावा, संस्थानों के नोडल अधिकारियों को 20 अप्रैल तक इन विवरणों का सत्यापन करना होगा। UGC के अनुसार, यह व्यवस्था डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है।
स्कॉलरशिप और फेलोशिप का भुगतान केवल आधार से जुड़े बैंक खातों में
नहीं किया लिंक तो अटक सकती है राशि
अब इन सभी का भुगतान केवल आधार-सीडेड खातों में ही किया जाएगा। यदि कोई छात्र निर्धारित समय सीमा तक आधार को बैंक खाते से लिंक नहीं करता है, तो उसकी स्कॉलरशिप या फेलोशिप की राशि जारी नहीं की जाएगी। इसका मतलब यह हुआ कि अब बिना आधार लिंक के भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। यह नियम UGC की सभी योजनाओं जैसे जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF), सीनियर रिसर्च फेलोशिप (SRF) और अन्य पीजी स्कॉलरशिप पर लागू होगा।
क्यों लिया गया यह फैसला
UGC का कहना है कि इस कदम से भुगतान प्रक्रिया तेज होगी, फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी और सही छात्रों तक समय पर पैसा पहुंचेगा। यूजीसी के इस नए नियम को डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
