Swami Vivekananda Speech In Hindi, National Youth Day Speech 2023 (राष्ट्रीय युवा दिवस पर भाषण हिंदी में): उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए। जी हां हम बात कर रहे हैं वेदों के ज्ञाता और महान दार्शनिक स्वामी विवेकानंद Swami Vivekananda की। जिन्होंने पश्चिमी देशों के बड़े-बड़े विद्वानों को बौना साबित कर भारत को विश्वगुरु के रूप में पुनर्स्थापित किया। ज्ञान परंपरा के शिखर पुरुष स्वामी विवेकानंद जी का पूरा नाम नरेंद्रनाथ दत्त था। आज से ठीक 129 साल पहले जब स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका के शिकागो से हुंकार भरा था तो पूरी दुनिया उनकी मुरीद हो उठी थी, लोगों को भारत को विश्वगुरू मानने के लिए मजबूर होना (Swami Vivekananda Speech) पड़ा था। अमेरिकी अखबारों ने स्वामी विवेकानंद को धर्म संसद का सबसे महान वक्ता बताया था। गुलाम भारत के युवा पीढ़ी को जागरूक करने के लिए स्वामी विवेकानंद ने युवाओं से कहा था कि, उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए।
Swami Vivekananda Speech: स्वामी विवेकानंद जयंती पर भाषण
स्वामी जी ने भारतीयों के अंदर देशभक्ति का भावना जागृत की। यही कारण है कि स्वामी विवेकानंद जी की जन्म जयंती को (Swami Vivekananda Jayanti) राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया (National Youth Day 2023) जाता है। स्वामी जी का जन्म ब्रिटिश शासनकाल के दौरान 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ, उनका पूरा नाम नरेंद्रनाथ दत्त था। एक पारंपरिक परिवार में जन्में स्वामी विवेकानंद के पिता कलकत्ता उच्च न्यायाल में अधिवक्ता के पद पर कार्यरत थे और माता भुवनेश्वरी देवी एक ग्रहंणी थी।
स्वामी विवेकानंद को देश के सबसे महान सामाजिक नेताओं में से एक माना जाता है, वह धर्म, दर्शन, वेद, साहित्य, पुराणों और उपनिषदों के ज्ञाता थे। कम उम्र में ही उन्हें वेद, आध्यात्म और दर्शनशास्त्र का अनुभव हो गया था। महज 25 साल की उम्र में उन्होंने सांसारिक मोह माया का त्यागकर सन्यासी व वैराग्य जीवन को अपना (Swami Vivekananda Speech In Chicago) लिया था। स्वामी विवेकानंद जी की जन्मजयंती स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक संस्थानों व सरकारी कार्यालयों में काफी धूमधाम से मनाई जाती है। इस अवसर पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। ऐसे में यदि आपने भी भाषण प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है, तो हमारे इस लेख पर एक नजर अवश्य डालें।
Swami Vivekananda Speech In Hindi, कुछ इस तरह करे भाषण की शुरुआत, लगेंगे भारत माता की जय के नारे
यदि आप चाहते हैं कि आपका स्पीच सुनते ही सभा में बैठे लोगों के अंदर देशभक्ति की भावना जागृत हो उठे और पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट और भारत माता की जय के नारे से गूंज उठे तो अपने भाषण की शुरुआत स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचारों से करें। यकीन मानिए लोग आपकी स्पीच के मुरीद हो उठेंगे। साथ ही ध्यान रहे स्पीच के दौरान आपके मुख पर एक अलग ही तेज और जोश होना चाहिए। भाषण की शुरुआत मंच पर उपस्थित प्राधानाचार्य, उपप्राधानाचार्य, अध्यापकगण व सभागार में उपस्थित सभी लोगों का अभिनंदन से करें।Swami Vivekananda Quotes, स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचारों से करें भाषण की शुरुआत
- खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है।- ब्रह्माण्ड की सारी शक्तियां हमारी हैं। वो हम ही हैं जो अपने आंखों पर हांथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है।
- दिल और दिमाग के टकराव में दिल की सुनो।
National Youth Day Speech 2023 In Hindi, राष्ट्रीय युवा दिवस पर भाषण
तीस वर्ष का ज्योतिपुंज था ज्ञान पुष्प का सुरभि कुंज था, मस्तक पर अरुणिम वो रेखा चकित रह गया जिसने देखा, शब्द सुदर्शनधारी था वो, देवदूत अवतारी था वो। जी हां हम बात कर रहे हैं ज्ञान परंपरा के शिखर पुरुष नरेंद्र नाथ दत्त की, जिन्हें पूरा विश्व स्वामी विवेकानंद के नाम से जानता है। आज हम सभी स्वामी विवेकानंद जी की 160वीं जन्मजयंती के उपलक्ष्य पर एकत्रित हुए हैं। स्वामी जी ने अपना पूरा जीवन ईश्वर की भक्ति और मानव जाति की सेवा के लिए समर्पित कर दिया। इस दिशा में उन्होंने रामकृष्ण परमहंस मठ की स्थापना भी की। उन्होंने महज 25 वर्ष की उम्र में सांसारिक मोह माया का त्याग कर सन्यासी व वैराग्य जीवन अपना लिया था। लेकिन दुखद यह रहा कि स्वामी जी ने महज 39 वर्ष की उम्र में ही दुनिया को अलविदा कह दिया।शायद स्वामी विवेकानंद को अपनी मृत्यु का आभास पहले से ही था। मशहूर बांग्ला लेखक मणिशंकर मुखर्जी अपनी पुस्तक में लिखते हैं कि, स्वामी जी अक्सर कहते थे कि, वह 40 वर्ष से अधिक जीवित नहीं रह सकेंगे। लेकिन इन 40 वर्षों के जीवनकाल में स्वामी विवेकानंद जी ने आने वाले 500 वर्षों की भविष्यवाणी कर दी थी। स्वामी जी के विचार आज के युग में भी काफी प्रासंगिक हैं। भाषण के बीच स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण का उल्लेख अवश्य करें, बिना इसके आपकी स्पीच अधूरी मानी जाएगी।
