Acharaya Pankit Goyal Success story: करियर और पैशन दो अलग अलग चीजें हैं लेकिन दुनिया में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपने पैशन को ही करियर बना लेते हैं। ये लोग सफलता की नई इबारत लिखते हैं। आज हम आपको राजस्थान के सूरतगढ़ में जन्मे आचार्य पंकित गोयल की कहानी बताने जा रहे हैं जिन्होंने अपने पैशन को फॉलो किया और नाम कमाया।
Acharaya Pankit Goyal Success story
आचार्य पंकित गोयल का साधारण परिवार में पैदा हुए लेकिन अपनी सोच और मेहनत की बदौलत उन्होंने खास मुकाम पाया। उनके पिता राजेश गोयल रिटायर्ड एक्सियन (PWD) हैं और उनकी मां एक गृहिणी हैं। पंकित की शिक्षा की शुरुआत राजस्थान से ही हुई। वहीं उन्होंने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई LRS DAV स्कूल, पंजाब से हुई। इसके बाद उन्होंने ग्राफिक्स डिज़ाइनिंग और 3D एनीमेशन में रुचि के कारण BA - 3D एनीमेशन और VFX में स्नातक की डिग्री प्राप्त की।
कुछ समय तक एक प्रतिष्ठित कंपनी में ग्राफिक्स डिजाइनर के रूप में काम करने के बाद उन्हें लगा कि कुछ और करना चाहिए। तभी उन्होंने वास्तु की दुनिया की तरफ रुख किया और यहीं से उनकी जिंदगी का नया अध्याय शुरू हुआ। पंकित ने वास्तु शास्त्र सीखा। किताबों से लेकर बड़े-बड़े वास्तु शास्त्रियों से उन्होंने सलाह ली और धीरे-धीरे इस क्षेत्र में खुद को स्थापित किया।
संघर्ष रहा साथी
शुरुआत में वास्तु सलाह के बदले कोई भी उन्हें फीस तक देने को तैयार नहीं थी लेकिन वह लगे रहे। उन्होंने कई लोगों को मुफ्त में सेवा दी और फिर धीरे धीरे लोगों का विश्वास जीता। उनकी मेहनत रंग लाई और वह बॉलीवुड तक पहुंचे। अब तक अरबाज खान, मीका सिंह जैसे बड़े बॉलीवुड सितारे अपने घरों और ऑफिस का वास्तु सुधारने के लिए उनसे सलाह ले चुके हैं। आज आचार्य पंकित गोयल वास्तु शिक्षक भी बन चुके हैं। उन्होंने वास्तु शास्त्र के कई कोर्स भी तैयार किए हैं। वह कहते हैं कि अगर किसी में सच्चाई और ईमानदारी काम में हो, तो इंसान किसी भी मुश्किल को पार कर सकता है और अपने सपनों को साकार कर सकता है।
