Subhas Chandra Bose Famous Slogans: भारत इस साल महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती मना रहा है। उनके अद्मय साहस, अतुलनीय योगदान और बलिदान को आज भी पूरा भारत नमन करता है। सुभाष चंद्र बोस वह व्यक्ति थे, जिन्होंने न केवल स्वतंत्रता की लड़ाई को गति थी, बल्कि आजाद हिंद फौज सरकार की स्थापना भी की थी। इन ही महान स्वतंत्रता सेनानियों की वजह से आज हम एक स्वतंत्र भारत में सांस ले पा रहे हैं। उनके इसी योगदान को सम्मानित करने के लिए 124वीं जयंती के अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी ने 2021 में सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने की आधिकारिक घोषणा की थी। इस साल देश छठा पराक्रम दिवस मना रहा है।
सुभाष चंद्र बोस के वे नारे जिन्होंने जगाई जोश की अलक दिए थे कौन से नारे
स्वतंत्रता कि इस लड़ाई के दौरान सुभाष चंद्र बोस ने कई प्रसिद्ध नारे दिए। लेकिन उनका सबसे प्रसिद्ध नारा था "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा!" और "दिल्ली चलो"। उनकी 129वीं जयंती के अवसर आइए आपके साथ इन दो प्रसिद्ध नारे के अलावा शेयर करें वे 11 नारे जिन्होंने देश के युवाओं में देशभक्ति की भावना और स्वतंत्रता के लिए लड़ाई के लिए जोश जगाया था।
सुभाष चंद्र बोस के वे नारे जिन्होंने जगाई जोश की अलक दिए थे कौन से नारे
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सुभाष चंद्र बोस के प्रसिद्ध नारे
1. "स्वतंत्रता आसानी से नहीं मिलती, उसे छीनना पड़ता है।"
2. "आजाद हिंद फौज के सैनिकों! आगे बढ़ो!"
3. "एक व्यक्ति एक विचार के लिए मर सकता है, लेकिन वह विचार, उसकी मृत्यु के बाद, हजारों लोगों के जीवन में अवतरित होगा।"
सुभाष चंद्र बोस के वे नारे जिन्होंने जगाई जोश की अलक दिए थे कौन से नारे
4. "यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपनी स्वतंत्रता के लिए अपना खून बहाएं।"
5. "जिसके अंदर सनक नहीं होती, वह कभी महान नहीं बन सकता" -
6. "अपनी ताकत पर भरोसा करो, उधार की ताकत तुम्हारे लिए घातक है।"
7. "इतिहास में कोई वास्तविक परिवर्तन कभी भी चर्चाओं से हासिल नहीं हुआ है।"
सुभाष चंद्र बोस के वे नारे जिन्होंने जगाई जोश की अलक दिए थे कौन से नारे
8. "याद रखिए, सबसे बड़ा अपराध अन्याय सहना और गलत के साथ समझौता करना है।"
9. "यदि संघर्ष न हो, यदि जोखिम न उठाया जाए, तो जीवन का आधा आकर्षण खत्म हो जाता है।"
10. "हमारा कार्य केवल कर्म करना है! कर्म ही हमारा कर्तव्य है और फल देने वाला स्वामी ऊपर वाला है"
11. "सफलता हमेशा असफलता के स्तंभों पर खड़ी होती है।" - यह एक प्रेरणादायक विचार है जो उनके भाषणों में मिलता है.
