Shaheed Diwas 2026 History In Hindi: आज की तारीख हर हिंदुस्तानी के लिए बेहद (Shaheed Diwas History In Hindi) खास है। साल 1931 में आज ही के दिन इस भारत भूमि के लिए भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु ने हंसते-हंसते अपने प्राण न्योछावर कर (Martyrs Day History) दिये थे। यही कारण है कि इस दिन उनके बलिदान को याद करने के लिए हर साल शहीद दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमें उनकी वीरता, साहस और बलिदान की याद दिलाता है। इस दिन स्कूल, कॉलेज व शैक्षणिक संस्थानों आर सरकारी कार्यालयों में शहीदों के लिए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाता है। यहां आप जान सकते हैं कि शहीद दिवस का इतिहास क्या है? हर साल 23 मार्च को ही शहीद दिवस क्यों मनाया जाता है?
Shaheed Diwas 2026 History In Hindi: 23 मार्च को क्यों मनाया जाता है शहीद दिवस
Shaheed Diwas 2026: ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ उठाई आवाज
अंग्रेजों ने भारतवर्ष पर करीब 200 वर्षों तक शासन किया। इस दौरान उन्होंने देश के नागरिकों पर काफी अत्याचार किया। लेकिन जब देश के वीर सपूतों ने स्वतंत्रता की मांग उठाई तो उन्हें देश छोड़कर भागने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस दौरान शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे युवा क्रांतिकारियों ने ब्रिटिशन हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाई और पूरे देश में क्रांति की ज्वाला फैलाया था।
23 March Shaheed Diwas 2026: 23 मार्च को क्यों मनाया जाता है शहीद दिवस
कहा जाता है कि साल 1928 में भगत सिंह व उनके साथियों ने लाला लाजपत राय की हत्या के लिए जिम्मेदार पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी। इसके बाद साल 1929 में उन्होंने रेड डिस्ट्रीब्यूट बिल के विदोध में सेंट्रल असेंबली में बम फेंककर इंकलाब जिंदाबाद का नारा दिया। उन्होंने यह कदम इसलिए उठाया जिससे अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लोगों में जागरूकता पैदा हो और देश में क्रांति की भावना जागृत हो। हालांकि इसके बाद ब्रिटिश हुकूमत द्वारा उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था और फांसी की सजा सुना दी गई थी। 23 मार्च मार्च को उन्हें अंग्रेजी हुकूमत द्वारा फांसी दे दी गई थी। देश के वीरों की शहादत को हर नागरिक सच्चे दिल से सलाम करता है।
Martyrs Day 2026
बता दें शहीद दिवस केवल इन तीन वीरों को याद करने का दिन नहीं है बल्कि यह उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने का अवसर है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। इस दिन स्कूल, कॉलेजों और विभिन्न संस्थानों में देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। लोग शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित करते हैं और उनके बलिदान को याद करते हैं। यह दिन हमें देशभक्ति, साहस और त्याग की भावना सिखाता है।
